मुंबई : कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट ) और जेम एंड ज्वैलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन कौंसिल (जीजेईपीसी) ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा आयकर और जीएसटी रिटर्न की तारीखों को आगे बढ़ाने के लिए की गई विभिन्न घोषणाओं की सराहना की है. दोनों संगठनों ने कहा कि इस विस्तारित तारीख की घोषणा ने देश भर के व्यापारियों और निर्यातकों को एक बड़े बोझ से मुक्त कर दिया है, जिन्हें इस बात का डर था कि जब सब कुछ लॉकडाउन है तो ऐसे में वैधानिक अनुपालन कैसे होगा. यह कदम व्यापारियों के प्रति सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाता है. हालांकि सरकार को टीडीएस पर ब्याज दर कम करने के बजाय विस्तारित अवधि के लिए ब्याज की पूर्ण छूट देनी चाहिए.
ज्वैलरी निर्यातकों के संगठन ‘जीजेईपीसी’ के उपाध्यक्ष कोलिन शाह ने कहा कि वित्तमंत्री ने सीमा शुल्क विभाग को आवश्यक श्रेणी में रखते हुए 30 जून तक 24 घंटे काम करने के निर्देश दिए हैं. इससे निर्यातकों को काफी सुविधा होगी. 5 करोड़ रुपए से कम कारोबार वाली फर्मों को 30 जून तक जीएसटी रिटर्न जुर्माना माफ किए जाने से ज्वैलरी सेक्टर के लघु उद्यमियों को काफी राहत मिलेगी. ‘विवाद से विश्वास’ स्कीम को 30 जून तक बढ़ाया जाना भी सराहनीय कदम है. सरकार को प्रस्तावित आर्थिक पैकेज में पहले ले ही मंदी से त्रस्त ज्वैलरी सेक्टर पर विशेष ध्यान देना चाहिए.
कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष बी. सी.भरतिया ने कहा कि देश भर में 7 करोड़ व्यापारी बेहद उत्सुकता से सरकार द्वारा घोषित होने वाले आर्थिक पैकेज की प्रतीक्षा कर रहे हैं. कैट ने सरकार से वर्तमान वित्तीय वर्ष को से 31 मार्च से बढ़ाकर 30 जून तक करने का आग्रह किया है. अगले वित्तीय वर्ष को नौ महीने के लिए किया जाए. बैंक ऋणों की वापसी, ईएमआई और अन्य बैंकिंग दायित्वों को 30 सितंबर तक बढ़ाया जाना चाहिए और विस्तारित अवधि पर कोई ब्याज या जुर्माना नहीं वसूला जाना चाहिए. बिजली, पानी, संपत्ति कर जैसे सभी सरकारी बिलों का भुगतान 30 सितंबर, 2020 तक स्थगित कर दिया जाना चाहिए और सेवाओं के ऐसे बिल में 50% का डिस्काउंट दिया जाए. कर्मचारियों की भविष्य निधि में उनके 50% हिस्से को आगामी 6 महीने के लिए सरकार द्वारा वाहन किया जाए. देश की सप्लाई चेन को सुचारू रूप से चलाने के लिए व्यापारियों को रियायती ब्याज दर पर कोरोना कैश लोन दिया जाए. किसी भी व्यापारी के खाते को एनपीए घोषित नहीं किया जाए.