कारसेवक देवेन्द्र फड़नवीस ने अयोध्या में रामलला के दर्शन किये
वाराणसी में काशी विश्वनाथ के दर्शन
अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन में तीनो कारसेवाओं में भाग लेने वाले राज्य के उप मुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़णवीस ने आज अयोध्या में प्रभु श्री रामचन्द्र के दर्शन लिए और अपनी भावनाएं व्यक्त कीं. इससे पहले आज सुबह उन्होंने काशी में काशी विश्वनाथ के दर्शन लिए।
अयोध्या में रामलला के दर्शन के बाद देवेन्द्र फड़णवीस ने श्री रामजन्मभूमि न्यास की पुस्तिका में अपनी भावनाएं व्यक्त कीं. उस संदेश पुस्तिका में उन्होंने लिखा कि, ''मैं सौभाग्यशाली था कि मुझे राम मंदिर के पुनर्निर्माण में कारसेवक के रूप में सेवा करने का अवसर मिला और उसी मंदिर के पुनर्निर्माण के बाद मुझे उनके दर्शन करने का भी अवसर मिला. यह मेरा परमभाग्य है. मैं रामलाल का बहुत आभारी हूं. मैं राष्ट्रीय पुनरुत्थान के इस यज्ञ में बलिदान देने वाले सभी लोगों को नमन करता हूँ. मैं विशेष तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, इस ट्रस्ट के सभी ट्रस्टियों और मंदिर निर्माण में लगे विश्वकर्मा दूतों को प्रणाम करता हूं. जय श्री राम।"
अयोध्या में राम मंदिर के दर्शन करने के बाद उन्होंने निर्माण कार्य में लगे श्रमिकों के साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं और महाराष्ट्र से दर्शन के लिए आए भाई-बहनों से भी मुलाकात की. देवेन्द्र फड़णवीस को देखते ही इन मराठी भाइयों ने '400 पार-मोदी सरकार' जैसे नारे लगाए. देवेन्द्र फड़णवीस ने अयोध्या में हनुमान गढ़ी मंदिर का भी दर्शन लिया।
राम मंदिर के दर्शन के बाद मीडिया से बात करते हुए देवेन्द्र फड़णवीस ने कहा कि राम मंदिर के नव निर्माण के बाद दर्शन की भारी मांग थी. 3 बार कारसेवक और कई बार रामसेवक बनकर अयोध्या आये. लेकिन, आज राम के दर्शन करने के बाद मेरी खुशी सातवें आसमान पर पहुंच गयी है. भगवान के पास मांगने के लिए कुछ भी नहीं है, उनके पास भंडार में सब कुछ है. यह निश्चित नहीं था कि हमारे जीवनकाल में राम मंदिर बन जायेगा. लेकिन, मोदीजी का शुक्रिया, यह मंदिर बना और मुझे इसके दर्शन करने का मौका मिला.' हम चुनाव के लिए हिंदू नहीं हैं. हम राम सेवक हैं और राम को मानते भी हैं।'