भाइंदर : मीरा-भाइंदर
शहर में बढ़ती
ट्रैफिक समस्या से आम
लोग काफी परेशान
हैं। एक तो
शहर में बढ़ती
वाहनों की संख्या
ऊपर से यातायात
पुलिस स्टाफ की
कमी के साथ-साथ सड़क
किनारे पार्क किए गए
पुराने वाहनों का टोचन
नहीं होना भी
इसका मुख्य कारण
है। ज्ञात हो कि
मीरा-भाइंदर की
आबादी आज दस
लाख के ऊपर
है। शहर की
बढ़ती आबादी के
कारण ट्रैफिक की
समस्या लगातार बढ़ती जा
रही है। इन
समस्याओं का मुख्य
कारण पुलिस बल
की कमी, लोगों
द्वारा पुरानी गाड़ियों को
सड़क किनारे खड़ा
कर छोड़ देना।
पुराने वाहनों के व्यापारी
द्वारा सरेआम सड़क किनारे
वाहन खड़ा करना
सहित सड़क किनारे
महीनों से खड़े
वाहन का टोचन
न होना है।
सभी होटलों के
सामने गाड़ी पार्क
होना इसके कारण
हैं। टोचन विभाग
द्वारा शहर के
सिर्फ वैसी गाड़ियों
का टोचन किया
जाता है जिस
गाड़ी पर फाइन
लगाकर चालान काटा
जा सके, जबकि
वैसे खड़े वाहनों
पर हाथ नहीं
लगाते जो कई
महीनों से खराब
स्थिति खड़े हैं।
इस मामले में
मीरा-भाइंदर के
ट्रैफिक इंचार्ज जगदीश शिंदे
का कहना है
कि ट्रैफिक विभाग
शहर में जाम
न लगे इसके
लिए गाड़ी टोचन
का काम मुस्तैदी
से कर रही
है। लगभग ९०
से १०० गाड़ियों
का टोचन प्रतिदिन
किया जाता है,
जहां तक चार
पहियावाले वाहनों के टोचन
की बात है
तो हमारे पास
सिर्फ दोपहिया वाहन
को टोइंग करनेवाले
टोचन वाहन हैं।
चारपहिया वाहन को टोइंग करनेवाले टोचन वाहन नहीं हैं फिर भी चारपहिया वाहन को जैमर लगाकर लॉक करते हैं। सड़क किनारे महीनों से खड़े वाहनों के बारे में शिंदे का कहना है कि वो सारे वाहन उठाने का अधिकार मनपा को है और मनपा वैसे खराब या सड़क किनारे महीनों से पार्क किए गए वाहनों को उठाने का काम करती है, जिसमें यातायात पुलिस हमेशा सहयोग करती है।