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पति ने तीसरी शादी कर दूसरी पत्नी को किया नजरअंदाज तो दूसरी ने तीसरी को मारा

मुंबई : मुंबई के नालासोपारा में पुलिस ने एक महिला को गिरफ्तार किया है। महिला पर आरोप है कि उसने अपने पति की तीसरी पत्नी की हत्या की। हत्या करने के लिए महिला ने अपनी दो नाबालिग सौतेली बेटियों की मदद भी ली। महिला का शव 1 मार्च को मिला था तब उसकी शिनाख्त नहीं हो सकी थी। लाश मिलने के सात दिन बाद पुलिस ने घटना का खुलासा किया है। 1 मार्च को नालासोपारा पुलिस ने एक महिला की लावारिस लाश बरामद की थी। जिस जगह पर महिला की लाश मिली थी वहां के सीसीटीवी फुटेज चेक किए गए। सीसीटीवी में नजर आया कि एक महिला ऑटो रिक्शा से वहां आई थी। ऑटो रिक्शा में जानवी लिखा था। क्राइम ब्रांच ने इसी ऑटो की खोज शुरू की। जिले के लगभग चार हजार ऑटो रिक्शावालों से पूछताछ हुई। आखिर कड़ी मशक्त के बाद पुलिस ने उस ऑटो को खोज लिया जिस पर महिला की लाश लाकर नालासोपारा में फेंकी गई थी। 

पुलिस ने ऑटो रिक्शा ड्राइवर नीरज मिश्रा से पूछताछ की जिसके बाद डॉन लेन की रहने वाली पारवती माने तो हिरासत में लिया गया। पुलिस ने बताया कि पारवती ने पूछताछ में बताया कि वह पेशे से मजदूर सुशील मिश्रा (45) की दूसरी पत्नी है। सुशील की पहली पत्नी उत्तर प्रदेश में सुशील की पहली पत्नी की दो बेटियों के साथ गांव में रहती है। 

एक साल पहले सुशील ने योगिता देवरे (35) नाम की महिला से तीसरी शादी कर ली और उसके बाद पारवती और अपनी दोनों बेटियों को छोड़कर योगिता के घर जाकर रहने लगा। पारवती ने बताया कि सुशील उसे और दोनों बेटियों की कोई आर्थिक मदद नहीं करता था। यहां तक कि उसने पारवती के साथ शारीरिक संबंध बनाने से इनकार कर दिया था और योगिता के सामने पारवती की बेइज्जती भी की थी। 

सुशील के रवैये से परेशान होकर पारवती ने दोनों नाबालिग सौतेली बेटियों और शैलेश काले के साथ मिलकर योगिता की हत्या का प्लान बनाया। शैलेश सुशील की एक बेटी का बॉयफ्रेंड है। 1 मार्च के सुशील अहमदाबाद में एक शादी अटैंड करने गया था तभी पारवती, उसके दोनों सौतेली बेटियां और शैलेश योगिता के घर पहुंचे। उन्होंने बिल्डिंग के गार्ड को शराब ऑफर की उसके बाद वे बिल्डिंग में दाखिल हो गए। यहां डुप्लिकेट चाबी से योगिता का फ्लैट खोला और सोते समय उसकी गला दबाकर हत्या कर दी। 

पुलिस ने बताया कि योगिता कि हत्या होने के बाद शैलेश ने सुशील की छोटी बेटी के बॉयफ्रेंड नीरज मिश्रा को बुलाया। वह ऑटो रिक्शा लेकर पहुंचा। दोनों ने नीरज को योगिता के बीमार होने की बात कही और उसकी लाश कंबल में लपेट कर रिक्शे में रख ली। सूनसान जगह पर जाकर उन्होंने नीरज से कहा कि वह उन लोगों को यहीं छोड़ दे क्योंकि अस्पताल खोजने में उन्हें समय लगेगा। वह उन लोगों को वहीं छोड़कर चला गया। 



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