मुंबई के जोगेश्वरी पश्चिम अंबोली की रहने वाली एक (३८) वर्षीय अपंग महिला के साथ ठगी करने के मामले में एनकाउंटर स्पेशलिस्ट दया नायक ने शिव सेना के पूर्व नगरसेवक और उव विभागीय प्रमुख विष्णु कोरेगांवकर और उनकी पत्नी वर्षा कोरेगांवकर पर किया एफआईआर दर्ज किया है। इस मामले में आरोपी पूर्व नगर सेवक विष्णु कोरेगांवकर को गिरफ्तार किया और उसके पत्नी वर्षा अभी तक फरार है। अपंग पीड़ित महिला जया तुकाराम हिपरकर कहा कि आरोपी शिव सेना के पूर्व नगरसेवक और उव विभागीय प्रमुख विष्णु कोरेगांवकर और उनकी पत्नी वर्षा कोरेगांवकर ने घर दिलाने के नाम पर पीड़ित महिला से साल भर में ५ लाख रुपए लिए मगर समय पर घर ना मिलने की वजह से पीड़ित महिला ने अपने दिए रकम वापस लौटने के लिए कहा। इतना ही नहीं घर पाने के लिए अपंग पीड़ित महिला ने अपने माँ की जेवर तक गिरवी रखा और दूसरों से कर्ज़ भी लेना पड़ा था। इस बीच अपंग पीड़ित महिला की माँ का निधन हो गया। जब भी अपंग पीड़ित महिला अपने दिए गए रकम वापस लौटने के लिए बोलती तो पीड़ित की बात को नज़र अंदाज़ कर उसकी बातों को टाल देते थे और कहते थे कि कुछ दिन रुक जाओ तुम्हे तुम्हारे पैसे वापस लौटा दूँगा मगर तीन साल बीत गए आरोपियों ने एक रुपया तक नहीं लौटाया। जब अपंग महिला ने अपने आप को ठगी का शीकार होने का महसूस किया तो थक हार पीड़ित महिला ने जोगेश्वरी पश्चिम के अंबोली पुलिस स्टेशन की मदत ली जिसके बाद अंबोली पुलिस स्टेशन में तैनात एनकाउंटर स्पेशलिस्ट और सहायक पुलिस निरक्षक दया नायक ने दिनक ७ जनवरी के दिन शिव सेना के पूर्व नगरसेवक और उव विभागीय प्रमुख विष्णु कोरेगांवकर और उनकी पत्नी वर्षा कोरेगांवकर पर भारतीय दंड कानून सहित आईपीसी की धारा ४०६, ४२०, ४६५,४६६,४७१, और ३४ के तहत एफआईआर दर्ज कर आगे की छानबीन में जुट गई थी। जिसके बाद एनकाउंटर स्पेशलिस्ट और सहायक पुलिस निरक्षक दया नायक खार पुलिस स्टेशन में पुलिस इंस्पेक्टर के पद पर प्रमोशन हो गया। जिसके बाद अंबोली स्टेशन जाँच पड़ताल में यह साबित हो गया कि शिव सेना के पूर्व नगरसेवक और उव विभागीय प्रमुख विष्णु कोरेगांवकर और उनकी पत्नी ने अपंग महिला के साथ ठगी किया है।
जिसके बाद अंबोली पुलिस ने आरोपी शिव सेना के पूर्व नगरसेवक और उव विभागीय प्रमुख विष्णु कोरेगांवकर दिनक १३ मार्च को गिरफ्तार कर लिया और न्यायालय में पेश किया न्यायालय ने १८ मार्च तक पुलिस की हिरासत में भेज दिया गया आगे की मामले की जाँच अंबोली पुलिस स्टेशन के अधिकारी कर रहे हैं।