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मीठी नदी के तट पर गुजारा मुश्किल

मुंबई : मुंबई की मीठी नदी महाराष्ट्र की सबसे ज्यादा प्रदूषित मानी जानेवाली नदी है। माहिम के किनारे से कुछ सेकंड मात्र के लिए भी गुजरना लोगों के लिए किसी मुश्किल से कम नहीं है। जब पश्चिमी रेलवे लाइन पर बांद्रा से माहिम के बीच मीठी नदी को पार करते हुए रेलगाड़ी दौड़ती है, तो उसमें बैठे हर यात्री को अपना चेहरा ढंक लेना पड़ता है।

ऐसे में १८ किमी लंबी मीठी नदी के तट पर मौजूद २५० घरों में रहनेवाले लोगों का गुजारा मुश्किल हो गया है। लोगों द्वारा वहां पर कचरा पैâलाने से स्थानीय लोग सबसे ज्यादा खफा हैं। कचरा फेंकनेवाले लोगों को रोकने की कई बार कोशिश भी की गई है लेकिन एक निश्चित समय के बाद वापस लोग उसी तरह कचरा पैâलाना शुरू कर देते हैं, जिसके कारण यह नदी प्रदूषित है। इन २५० घरों की कॉलोनी में मात्र दो से चार स्थानों पर ही डस्टबिन रखे गए हैं, जिसके कारण लोगों को मीठी नदी में कचरा फेंकने के लिए मजबूर होना पड़ता है। हालांकि मनपा द्वारा इस १८ किमी की नदी का कायापलट करने का कार्य जारी है लेकिन यह नदी इतनी ज्यादा प्रदूषित है कि लोगों का यहां गुजारा करना मुश्किल हो गया है। ऐसे में स्थानीय लोग चाहते हैं कि यहां पर लोगों को कचरा पैâलाने से रोका जाए। साथ ही मीठी नदी के पास मौजूद कॉलोनी में अतिरिक्त डस्टबिन भी रखे जाएं ताकि लोगों को वहां पर कचरा फेंकने की जरूरत न पड़े।



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