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लॉकडाउन से सामने आ रहा शहर का मानवीय चेहरा

मुंबई : मुंबई शहर के हृदयहीन होने की धारणा हो सकती है, लेकिन लॉकडाउन से शहर का मानवीय पक्ष सामने आया है। यहां पर स्थानीय और सामाजिक संगठन, जरूरदमंद और महामारी का मुकाबला कर रहे लोगों की मदद के लिए आगे आ रहे हैं। दादर (पूर्वी) में नायगांव सर्वजन नवरात्रोत्सव मंडल ने बुधवार से भोईवाड़ा पुलिस स्टेशन में 70 पुलिसकर्मियों को चाय और नाश्ता उपलब्ध कराना शुरू किया और यह योगदान 31 मार्च तक जारी रहेगा। मंडल के पूर्व अध्यक्ष दत्ता दिवेकर ने बताया कि उन्होंने विभिन्न दुकानों के अधिकारियों से अनुरोध किया है कि वे चाय तैयार करने के लिए सामग्री उपलब्ध कराएं। सामग्री की लागत मंडल वहन करेगा। उन्होंने कहा कि चाय वितरण में कितनी लागत आएगी यह मायने नहीं रखता है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि आप परोपकार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बुधवार तक, कम से कम दो दिनों तक पुलिस कर्मियों को शाम को एक कप चाय भी नहीं मिली थी।

शहर में कई जगह इस तरह की करुणा और भाईचारा देखने को मिल रहा है। मीरा-भायंदर के वकीलों और सामाजिक कार्यकर्ताओं वाले दोस्तों के एक समूह वी ग्रुप के बैनर तले शहर में दैनिक मजदूरी करने वाले मजदूरों के परिवारों को आवश्यक वस्तुएं प्रदान की गईं। सेवा कर रहे लोगों ने बताया कि उन्होंने 54 परिवारों को चावल, दाल, आटा, तेल, नमक, चीनी और बिस्कुट वितरित किए। सामाजिक कार्यकर्ता शैलेश मिश्रा ने कहा कि स्टॉक लगभग दो सप्ताह तक चलने की उम्मीद है। प्रत्येक परिवार के लिए लागत लगभग 600 रुपये है और समूह ने लोगों से दान मांगा है। उन्होंने मीरा-भाईंदर नगर निगम से अनुमति ली है। स्वयंसेवकों ने कहा कि वे कोविड -19 के मद्देनजर सभी सावधानियों का पालन कर रहे हैं।



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