मुंबई़ : कोरोना से उबरकर घर पहुंचा बुजुर्ग दंपती, पड़ोसियों ने दिल खोलकर किया स्वागत, आंखें हुई नम

मुंबई़ : मुंबई में कोरोना संक्रमित बुजुर्ग पति-पत्नी ठीक हो गए तो उन्होंने राहत की सांस ली लेकिन अस्पताल से डिस्चार्ज होते वक्त मन में एक आशंका थी कि पड़ोसियों का उनके प्रति रुख क्या होगा? पिछले कुछ समय से कोरोना मरीजों के साथ उनके रिश्तेदारों और पड़ोसियों के बुरे बर्ताव के मामले सामने आए जिससे उनके मन में भी सवाल उठे लेकिन घर पहुंचते ही हैरान रह गए। पड़ोसियों ने उनके लिए पूरी सोसाइटी सजाई थी और दंपती के घर आते ही उन्हें गुड़ी पड़वा की बधाई दी। 70 वर्षीय शख्स और उनकी 68 वर्षीय पत्नी मंगलवार शाम कस्तूरबा अस्पताल से ऐंबुलेंस में सवार होकर अपने घर पहुंचे। दवाइयों के साइड-इफेक्ट की वजह से पत्नी काफी कमजोर हो गई थी, ऐसे में बुजुर्ग पति इस बात को लेकर टेंशन में थे कि उन्हें अपार्टमेंट के दूसरे फ्लोर तक कैसे पहुंचाया जाएगा। इससे भी ज्यादा उन्हें इस बात की चिंता सताए जा रही थी कि पड़ोसी उनके घर पहुंचने पर कैसा बर्ताव करेंगे।

कल्पना के इतर पड़ोसियों के स्वागत से भाव विभोर होकर बुजुर्ग ने बताया, 'उन्होंने हमें सुखद आश्चर्य दिया। उन्होंने हमारे लिए मंगलवार रात डिनर तैयार किया। डिनर में उन्होंने साधारण घर का खाना बनाया था। अगले दिन उन्होंने हमें लंच भी दिया और डिनर का भी वादा किया। हम घर वापस आकर खुश हैं।' यह दंपती 40 सदस्यीय टूर ग्रुप में शामिल होकर दुबई गया था। 11 मार्च को दोनों की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई। घाटकोपर स्लम में रहने वाली एक कोरोना संक्रमित 68 वर्षीय महिला के बेटे को भी पड़ोसियों के व्यवहार को लेकरम मन में डर था क्योंकि मां के कोरोना पॉजिटिव निकलने पर उनके पड़ोसी उनसे अछूत की तरह पेश आ रहे थे। लेकिन मंगलवार को जब मां लौटकर आईं और पड़ोसियों को रिपोर्ट दिखाई तो चीजें बेहतर हो गईं। उसने कहा, 'एक बार मां जब पूरी तरह फिट हो जाएगी तो चीजें और बेहतर हो जाएंगी।

इसी तरह उल्हासनगर में 49 साल की एक महिला और उनका भाई भी अस्पताल से डिस्चार्ज होकर घर वापस लौटे। उनके घर वापस आने से न सिर्फ घरवालों ने राहत की सांस ली बल्कि आस-पास रहने वाले लोग भी बेहद खुश नजर आए। पश्चिमी उपनगर में रहने वाले दंपती भी बीएमसी के सहयोग से काफी संतुष्ट नजर आए। बुधवार सुबह वॉर्ड ऑफिस के सदस्य उनके घर आए और सैनिटाइज दिया। उन्होंने दंपती को हर संभव मदद का आश्वासन दिया। हालांकि उनकी सबसे बड़ी चिंता यह है कि लॉकडाउन के दौरान सब्जी और फल कैसे ले। उन्होंने बताया, 'बाहर लंबी कतारें हैं और हम अगले 14 दिन तक बाहर नहीं निकल सकते।




Most Popular News of this Week

राखीच्या धाग्यातून उमटली...

रक्षाबंधनाच्या पूर्व संध्येला मुंबईतील माहीम येथे असणाऱ्या रॉनाल्ड...

राष्ट्रीय क्रीडा...

मेजर ध्यानचंद यांच्या जयंतीनिमित्त साजरा करण्यात येणाऱ्या राष्ट्रीय...

महापौर बंगल्यातील...

"रक्षाबंधन सण हा केवळ रक्ताच्या नात्यापुरता मर्यादित नसून तो प्रेम,...

REGISTRATIONS BEGIN FOR SEKHON INDIAN AIR FORCE MARATHON 2026

The Indian Air Force (IAF) is conducting the Sekhon Indian Air Force Marathon 2026 (SIM-26) on 04 October 2026.  The event is simultaneously being organised at seven cities across India to...

जैन समाज के साथ नवभारत टाइम्स...

मुंबई में नवभारत टाइम्स द्वारा आयोजित “जैन समाज के साथ विशेष चर्चा सत्र”...

'पादचारी प्रथम’अभियानाच्या...

बृहन्मुंबई महानगरपालिकेने हाती घेतलेल्या ‘पादचारी प्रथम’ (Pedestrian First)...