लॉकडाउन डाउन-3 : शराबियों ने उड़ाई लॉकडाउन की धज्जियां

मुंबई : लॉकडाउन डाउन-3 की घोषणा साथ ही राज्य सरकार ने अर्थव्यवस्था को धीरे-धीरे पटरी पर लाने के लिए रेड जोन कंटेनमेंट क्षेत्र को छोड़कर अन्य जोन में शराब की दुकानों को खोलने की अनुमति दी है. पिछले डेढ़ महीने से शराब नहीं मिलने से बौखलाए पियक्कड़ों ने गला तर करने के लिए सुबह 6 बजे से ही वाइन शाँप की दुकानों पर कतार में लगानी शुरू कर दी. शराब की दुकानों पर उमड़ी भीड़ से  लॉकडाउन की धज्जियां उड़ गई. कई  स्थानों पर भीड़ इतनी अनियंत्रित हो गई कि पुलिस को हल्का बल प्रयोग कर भीड़ को हटाना पड़ा.  

शराब की बोतल पाने के लिए लोगों में कोरोना का भी खौफ नहीं रहा जिसके लिए डेढ़ महीने से घरों में कैद रहे. लॉकडाउन की धज्जियां उड़ते देख अब शराब की दुकानों को बंद करने की भी मांग उठने लगी है. माटुंगा किंगसर्कल में एक वाइन शाप की दुकान पर भीड़ इतनी बढ़ गई कि पुलिस को हल्का बल कर शराब की दुकान बंद करानी पड़ी. अमूमन सभी दुकानों पर 1से 2 किमी लंबी लाइन लगी रही.

शराब की दुकान खुलते ही भारी भीड़ लग गई . सोशल डिस्टेंसिंग का किसी को भान ही नहीं रहा. पाश इलाका हो  या झोपड़पट्टी  सब जगह  लॉकडाउन की धज्जियां उड़ाती लंबी कतारें लगी हुई थीं. चेंबूर, कुर्ला,घाटकोपर, विक्रोली, पार्क साईट, माटुंगा, अचोले रोड़ वसई, पवई, हीरानंदानी, भांडुप,मुलुंड, सायन, सभी जगह भारी भीड़ और शराब खरीदने की अफरातफरी रही. जिसका नंबर आता वह महीनों का स्टाक जमा कर लेना चाहता था. शराब मिलने के  बाद गर्व से सीना चौड़ा किए ऐसे चलता था कि जैसे बड़ी जंग जीत कर लौट रहा है. 

रविवार की सूचना पर कुछ वाइन शॉप सोमवार को खुले, लेकिन कई दुकानदारों ने सरकारी आदेश के लिखित आदेश के इंतजार में दुकानें खोलने इनकार कर दिया. बंद दुकानों पर भी लंबी लाइनें लगी थी, लेकिन वाइन शॉप मालिक ने कहा कि आबकारी विभाग की तरफ से सर्कुलर नहीं मिला है. 

सोमवार को आबकारी विभाग ने शराब की दुकानें खोलने के लिए गाइडलाइंस भी जारी की थी. जिसमें कहा गया है शहरी इलाकों में कंटेनमेंट जोन छोडकर सभी दुकानें खुली रहेंगी. दुकान पर आने वाले सभी ग्राहकों के बीच 6 फुट का अंतर हो और एक दुकान पर 5 से अधिक ग्राहक नहीं होने चाहिए. हैंड सेनैटाइजर की व्यवस्था भी करनी होगी . प्रत्येक 2 घंटे में उस क्षेत्र का सेनेटाइजेशन किया जाना अनिवार्य है. केवल सीलबंद शराब ही बेची जाएगी, लेकिन दुकानों पर आबकारी विभाग की इस गाइडलाइन  की खुलेआम धज्जियां उड़ाई गई. 

शराब की दुकानें खुलते ही खरीदारों की जिस तरह की लाइनें लग रही हैं, वह भयावह है. सामाजिक दूरी को धत्ता बताते हुए लोग दुकानों पर उमड़ पड़े हैं. जिन सोसायटी में दुकानें हैं, वहां के निवासी एक दिन में ही परेशान तो हो ही गए हैं, उन्हें कोरोना संक्रमण का डर सताने लगा है. महाराष्ट्र सरकार से शराब की दुकानों को 17 मई तक बंद रखने का आग्रह  है. मुंबई में कोरोना खतरनाक स्थिति में है फिर क्या शराब मूलभूत आवश्यकता है, सरकार तुरंत पुनर्विचार करे.



Most Popular News of this Week

वाढदिवसाचा स्नेहस्पर्श -...

मुंबईच्या महापौर श्रीमती रितू तावडे यांनी आज (दिनांक १८ एप्रिल २०२६) आपल्या...

६२व्या इन्स्टॉलेशन सोहळ्यात...

शनिवारी सायंकाळी मुंबईतील हॉटेल सहारा स्टार हे केवळ एका नेतृत्वबदलाचे...

महाराष्ट्र के 300 से अधिक...

चेतना एजुकेशन लिमिटेड और स्कूल वेलफेयर मैनेजमेंट फोरम के संयुक्त...

भाजपाला महिलांना आरक्षण...

महिला आरक्षणाचा मुद्दा पुढे करून भारतीय जनता पक्ष फक्त राजकीय पोळी...

महिला आरक्षणावर खुल्या...

महिला आरक्षणाच्या नावाखाली भाजपाने संसदेचे विशेष अधिवेशन बोलावले पण...

"आयुक्त अश्विनी भिडे यांची...

बृहन्मुंबई महानगरपालिका आयुक्त अश्विनी भिडे यांनी एच पश्चिम विभागातील...