मुंबई. अस्पताल में बच्चे के जन्म के कुछ घंटों में ही बच्चे का आधार पंजीयन किया जाएगा और आधार कार्ड निकाला जाएगा. यह योजना राज्य सरकार द्वारा शुरू की गयी है. जिस पर 1 जनवरी से अमल किए जाने की जानकारी सूत्रों ने दी है. महाराष्ट्र के जिला, उप जिला, महिला व ग्रामीण अस्पताल तथा स्वास्थ्य संस्थाओं में यह सुविधा एक ही समय में उपलब्ध करवायी गयी है. बच्चे का आधार कार्ड निकालने के लिए संबंधित बच्चे के पिता या पालक के रूप में कर्तव्य निभाने वाले व्यक्ति का पहचान पत्र आवश्यक रहेगा. इसी तरह बच्चे के फोटो द्वारा आधार संकलन किया जाएगा. अस्पताल से छुट्टी होने के पहले ही बच्चे के पालक के हाथ में आधार कार्ड दिया जाएगा.
आधार पंजीयन करवाने के लिए आ रही दिक्कतों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने आधार पंजीयन सुलभता से होने के लिए जन्में बच्चे का आधार पंजीयन किया जाएगा. आधार पंजीयन करते समय जन्मजात बच्चे के हैन्ड इंप्रेशन, बच्चे के आंखों की प्रतिमा, पहचान पत्र आदि कागजात के आधार पर आधार कार्ड बनाया जाएगा. इसके लिए स्वास्थ्य विभाग व भारतीय पहचान प्राधिकरण विभाग द्वारा संबंधितों को चार दिनों का प्रशिक्षण दिया जाएगा. राज्य के 34 जिलों में प्रत्येकी एक निवासीय स्वास्थ्य अधिकारी के साथ दो कर्मचारियों का इसमें समावेश रहेगा. यही प्रशिक्षित हुए कर्मचारी अपने अपने जिलों में स्वास्थ्य संस्था में कार्यरत एक परिचारिका व लिपिक को जानकारी दे रहे हैं. इसके लिए संबंधित जिलों के प्राधिकरण कार्यालय की मदद ली जाएगी. स्वास्थ्य विभाग द्वारा पहली बार इस तरह की सुविधा उपलब्ध करवाए जाने से आधार कार्ड के लिए नागरिकों को दिक्कतों से छुटकारा मिलेगा. सूत्रों के अनुसार प्रत्येक स्वास्थ्य संस्था में परीक्षा देकर एक परिचारिका व एक लिपिक कर्मचारी आधार पंजीयन के लिए नियुक्त किए जाएंगे. प्रत्येक आधार कार्ड के लिए इन कर्मचारियों को 27 रु. का मानधन दिया जाएगा. इस बीच बताया जा रहा है कि मानधन की रकम 100 रु. तक देने का प्रस्ताव राज्य सरकार के विचाराधीन है. लेकिन 27 रु. प्रोत्साहन के रुप में मानधन स्वरुप दिए जाएंगे.