मुंबई : अपने गुरु के अंतिम संस्कार में शामिल होने जा रहे जूना अखाड़ा के साधुओं की हत्या से संत समाज में रोष की लहर दौड़ गई है.बताया गया कि पालघर के पास कांदिवली के सुशीलगिरी महाराज, वाहन चालक निलेश तेलगडे और त्रंबकेश्वर स्थित दक्षिण मुखी हनुमान मंदिर के पुजारी कल्पवृक्षगिरी महाराज की निर्मम हत्या भीड़ द्वारा कर दी गई.पुलिस की मौजदूगी में हुई इस हत्या को लेकर कई सवाल खड़े किए जा रहे हैं. काशी सुमेरुपीठ के शंकराचार्य स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती ने इस घटना पर दुःख जताते हुए जांच की मांग की है. शंकराचार्य स्वामी नरेंद्रानंद ने कहा कि इस मामले में पुलिस और लोगों की भूमिका संदेहजनक है. शंकराचार्य ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से मांग की है कि जूना अखाड़े से जुड़े दोनों साधुओं की हत्या के मामले में निष्पक्ष जांच करा कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए.
श्री पंच दशनाम जूना अखाड़ा के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष महंत प्रेम गिरी महाराज ने गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिख कर घटना की जांच की मांग की है.अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने भी घटना का निषेध करते हुए आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.पुलिस के सामने साधुओं और टेम्पो चालक पर रात में अचानक इतनी बड़ी संख्या में गांव वालों द्वारा हमला कर निरपराध साधुओं की हत्या से संत समाज में प्रशासन के खिलाफ नाराजगी फैली हुई है.ठाणे गिरी समाज के अध्यक्ष समाजसेवी घनश्याम गिरी,भोला गिरी सहित कई लोगों ने साधुओं की निर्मम हत्या पर दुख जताते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.