मुंबई : मुंबई में कोरोना मरीजों की बढ़ती रफ्तार थोड़ी सी धीमी हो गई है. मुंबई में कोरोना मरीज बढ़ने की रफ्तार 8.3 दिन में दोगुनी हो रही थी जो अब बढ़कर 10 दिन हो गई है. मरीजों की मृत्यु दर में भी कमी आई है. मृत्यु दर 6.3 से घट कर 3.9 पर आ गई है. जबकि राज्य की मृत्यु दर 4.3 है. हालांकि मुंबई में मरीजों का मिलने का सिलसिला जारी है. परेल स्थित बच्चों के अस्पताल नवरोज जी वाडिया में 6 स्वास्थ्य कर्मी कोरोना संक्रमित पाए गए हैं. नायर में तैनात 7 सुरक्षाकर्मियों को भी कोरोना हो गया है.
बीएमसी के अनुसार महानगरपालिका क्षेत्र में कोरोना की रफ्तार धीमी पड़ने का निष्कर्ष केंद्र शासन द्वारा नियुक्त समिति ने निकाला है. यह निष्कर्ष 17 से 27 अप्रैल के दौरान मरीजों की संख्या डबल होने की दर 10 दिन है. देश में मरीजों के दोगुना होने की दर 9.5 है. महाराष्ट्र राज्य स्तर पर यह कालावधि 8.9 दिन है. 11अप्रैल से 26 अप्रैल के बीच राज्य में प्रति 100 संक्रमित मरीजों की मृत्यु दर 4.3 है, लेकिन बीएमसी क्षेत्र में मृत्यु दर 3.9 है. कुछ दिन पहले मुंबई में यह मृत्यु दर 6.3 थी.
मुंबई में कोरोना का पहला मामला 11 मार्च को आया था. बीएमसी की ओर से मरीजों को खोज निकालने का प्रयास लगातार किया जा रहा है. 26 अप्रैल तक 1 लाख 39 हजार 477 मरीजों के संपर्क में आने वालों का पता लगाया गया है. इसमें से 21 हजार 53 लोग हाई रिस्क ग्रुप के मरीजों के संपर्क में थे. जिनके पास रहने की पर्याप्त जगह थी उन्हें होम क्वारंटाइन और जिनके पास जगह की कमी थी उनको क्वारंटाइन सेंटर में रखा गया है.
मुंबई में अब तक 66 हजार लोगों की जांच की गई है. 10 लाख जनसंख्या पर यह दर 5 हजार 71 है. तामिलनाडु, राजस्थान, नई दिल्ली, केरल में जांच दर क्रमशः 2,624, 1220, 794 और 684 है. हालांकि बीएमसी की इस रिपोर्ट से विपक्ष के नेता सहमत नहीं है. बीजेपी पहले ही आंकड़ों में हेराफेरी और छुपाने का आरोप लगा चुकी है. विपक्ष ने मृत्यु पर भी सवाल उठाए हैं. बीएमसी में भाजपा गुट नेता प्रभाकर शिंदे ने कहा था कि कई लोगों की मौत के बाद जांच रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई है. बीएमसी अस्पतालों की सुरक्षा में लगे अब तक 8 सुरक्षा रक्षक भी कोरोना से संक्रमित हो गए हैं. नायर अस्पताल में 7, कस्तूरबा में 1 सुरक्षा रक्षक कोरोना से संक्रमित हुए हैं