मुंबई. सोमवार को अंधेरी स्थित मरोल के ईएसआईसी (कामगार) अस्पताल में लगी आग में हुई 9 लोगों की मौत के बाद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस पूरे हादसे की जांच का आदेश दे दिया है। मुख्यमंत्री ने इस संबंध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से भी बात की है। मुख्यमंत्री ने इसमें घायलों को हर संभव सहायता का वादा करते हुए उनके जल्द ठीक होने की कामना की है।
हॉस्पिटल कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन: इस घटना के बाद कामगार हॉस्पिटल के डॉक्टर्स, नर्स और अन्य स्टाफ ने मंगलवार को प्रदर्शन किया। अस्पताल कर्मचारियों का आरोप है कि हॉस्पिटल में सुविधाओं की कमी के चलते यह हादसा हुआ है। 45 की हालत अभी भी गंभीर बनी: इस हादसे में 9 लोगों की मौत हो गई है, वहीं 142 लोग जख्मी हुए हैं। जानकारी के अनुसार, विभिन्न अस्पतालों में भर्ती 45 लोगों की स्थिति नाजुक बनी हुई है, जिनमें से 6 बच्चे हैं। सभी बच्चों का इलाज अंधेरी के होली स्प्रिट अस्पताल में चल रहा है। अन्य घायलों को आरएन कूपर हॉस्पिटल, ठाकरे ट्रॉमा हॉस्पिटल, सेवन हिल्स हॉस्पिटल, हॉली स्पिरिट हॉस्पिटल, हीरानंदानी हॉस्पिटल और सिद्धार्थ हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है।
घायलों का इलाज करवाएगी सरकार: महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. दीपक सावंत ने बताया कि घायलों के इलाज का खर्च एसआईईसी कॉर्पोरेशन उठाएगा। आग के कारण होने वाली मौतों और गंभीर रूप से घायल लोगों को श्रम मंत्रालय मंगलवार को आर्थिक मदद की घोषणा करेगा। फायर टेस्ट में फेल हुआ था हॉस्पिटल: फायर ब्रिगेड की जांच में यह भी सामने आया है कि दो सप्ताह पहले ही अस्पताल फायर सेफ्टी टेस्ट में फेल हो गया था। अब फिर से फायर सेफ्टी ऑडिट की दोबारा से जांच की जाएगी।
मृतकों के परिजन को 10-10 लाख का मुआवजा
केंद्रीय श्रम मंत्री संतोष गंगवार ने हादसे में मारे गए लोगों के परिजन को 10 लाख रुपए का मुआवजा देने का ऐलान किया। गंभीर रूप से घायलों को 2-2 लाख रुपए और सामान्य जख्मियों को एक-एक लाख रुपए दिए जाएंगे।