नेरुल एलपी में रात के समय रिक्शा चालकों द्वारा यात्रियों से आर्थिक लूट
नवी मुंबई। बच्चों की छुट्टियाँ ख़त्म हो गयीं. कुछ स्कूल शुरू हो गए हैं एंव कुछ स्कूल-कॉलेज शुरू होने वाले हैं. इसलिए जून के महीने में गांव से शहर आने वाले लोगों की संख्या अधिक होती है. नवी मुंबई शहर में खासकर नेरुल के एलपी में रात में आने वाले यात्रियों की संख्या अधिक है. ऐसे यात्रियों से मनमाने ढंग से किराया लेने वाले रिक्शा चालक के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की जा रही है।
नवी मुंबई शहर में गांव से आने वाले नागरिकों से रात में मनमाना किराया वसूला जा रहा है. हर रात नवी मुंबई के विभिन्न स्थानों पर यात्री एसटी या निजी वाहनों से उतरते हैं. खासकर नेरुल के एलपी में सामान और बच्चों के साथ उतरने वाले यात्रियों की संख्या अधिक होती है. ये सभी यात्री सुबह दो से तीन बजे के बीच उतरते हैं, इसलिए इन यात्रियों को कम लागत पर सार्वजनिक परिवहन सेवाएं प्रदान करने वाली ट्रेनों या बसों की सुविधाएं नहीं होती है. परिणामस्वरूप एलपी नेरुल में उतरने के बाद उल्वे, उरण और सीवुड्स के यात्रियों को घर जाने के लिए रिक्शा लेने के अलावा कोई विकल्प नहीं है. इसी का फायदा एलपी में काम करने वाले कुछ रिक्शा चालक उठा रहे हैं. इतना ही नही ये रिक्षा चालक यातायात नियमों को यात्रियों को आर्थिक रूप से लूट रहे हैं. रात में शोर-शराबे के दौरान यात्रियों द्वारा अधिक किराया देने से मना करने पर कुछ रिक्शा चालकों द्वारा धमकाने की शिकायतें आ रही है. जिसके कारण आरटीओ और नवी मुंबई ट्रैफिक पुलिस ऐसे रिक्शा चालकों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग जारी है।
नेरुल एलपी से जुईनगर, सीवुड्स, नेरुल क्षेत्र दो और तीन के साथ-साथ उल्वे, उरण आदि के लिए यदि लंबी दूरी का किराया उनके पास होता है तो वे मीटर से पैसा न लेते हुए मनमाना किराया लेते हैं. ऐसे समय में सुबह-सुबह कोई बस या अन्य सुविधा नहीं होती. ऐसे में यात्रियों के पास रिक्शा के बिना कोई विकल्प नहीं होता है. लेकिन इसी बात का कुछ लुटेरे रिक्शा चालक फायदा उठाकर बिना मीटर लगाए मनमर्जी से किराया लेते नजर आ रहे हैं. रिक्शा चालक रात का समय होने के कारण यात्री मजबूरन भुगतान भी कर देते हैं. नेरुल एलपी की तरह शहर के सीबीडी, सानपाड़ा हाईवे, वाशी हाईवे, रबाले नाका, कोपरखैरणे आदि इलाकों में रिक्शा चालक मनमाना किराया वसूलने का यात्रियों ने शिकायत की है. रात में रिक्शा चालकों द्वारा आर्थिक लूट की जा रही है और नवी मुंबई ट्रैफिक पुलिस और उप क्षेत्रीय परिवहन विभाग द्वारा ऐसे रिक्शा चालकों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की गई है।
कोड-
नवी मुंबई पुलिस ट्रैफिक विभाग की ओर से सार्वजनिक स्थानों पर किसी भी तरह की अप्रिय घटना ना घटे इसके लिए अलर्ट रहती है. यातयात विभाग की गश्ती टीम महत्वपूर्ण स्थानों पर राजमार्गों पर तैनात रहती है. किसी भी आपातकालीन स्थिति में मोबाइल नंबर 112 डायल करें तत्काल सहायता मिलता है।
-तिरुपती काकडे, नवी मुंबई पुलिस उपायुक्त
ट्रैफिक विभाग, नवी मुंबई