पंद्रह दिन पहले सुरक्षित होर्डिंग गिरा, ऑडिटर संदेह के घेरे में
पनवेल। पंद्रह दिन पहले मनपा के पैनल पर के इंजीनियरों ने सुरक्षित होर्डिगों का रिपोर्ट दी थी. लेकिन तीन दिन पहले खारघर के सेक्टर 34 में अमनदुत मेट्रो स्टेशन के सामने यही बोर्ड गिर गया. सौभाग्य से कोई जनहानि नहीं हुई. लेकिन एक गाड़ी और एक बैलगाड़ी का नुकसान हुआ. इस घटना ने पनवेल में लगे अन्य होर्डिंग की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है. इस घटना के बाद पनवेल मनपा आयुक्त ने मनपा क्षेत्र के सभी होर्डिगों के संरचनात्मक ऑडिट का आदेश दिए है।
पनवेल मनपा की ओर से रौनक एड एजेंसी को मनपा क्षेत्र में होर्डिंग लगाने और उससे बिजनेस करने का ठेका दिया गया है. इससे मनपा को राजस्व मिलता है. लेकिन मनपा क्षेत्र में लगे ये होर्डिंग जानलेवा साबित क्यों होते हैं? ऐसी चर्चा नागरिको में है. खारघर सेक्टर 34 में सड़क किनारे लगाया गया एक विशाल होर्डिंग सोमवार को गिर गया. हाल ही में घाटकोपर में एक बड़ा होर्डिंग गिरने से भारी जनहानि हुई थी. उस घटना की पृष्ठभूमि में, पनवेल मनपा ने मनपा क्षेत्र के सभी अनुमति दिए पहोर्डिगों के संरचनात्मक ऑडिट के बाद लाइसेंस जारी किए जाएंगे, ऐसी घोषणा की. मनपा प्रशासकों ने यह ऑडिट मुंबई के आईआईटी संस्थान से कराने की मंशा जताई थी. इसके बाद मनपा के पैनल पर शामिल इंजीनियरों से इसका ऑडिट कराने का निर्णय लिया गया. मनपा के पैनल का स्ट्रक्चरल ऑडिटर शिवाजी सरोदे इस अभियंता ने खारघर में ढह गए होर्डिंग की सुरक्षा का ऑडिट किया था. उपायुक्त मारुति गायकवाड ने बताया कि यह पैनल सुरक्षित है इसकी रिपोर्ट अभियंता सरोदे ने 15 जून को मनपा को सौंप दी थी. लेकिन आम लोगों द्वारा आखिर पंद्रह दिनों में सेफ होर्डिंग कैसे गिर गया ऐसा सवाल किया जा रहा है. .स्ट्रक्चरल ऑडिट अभियंता सरोदे ने कौनसा निरीक्षण किया इसको लेकर संदेह व्यक्त किया जा रहा है।