भिवंडी : शहापुर में भातसा बांध पर एक तैरता पंप १५ लाख लोगों की प्यास बुझा रहा है। इससे बांध का पानी १३ किलोमीटर दूर स्थित खरडी तक पहुंच रहा है। भातसा के जलाशय से रोज चार लाख लीटर पानी की आपूर्ति की जाती है। ठाणे जिला परिषद के जलापूर्ति विभाग ने तकनीक के इस्तेमाल से महज २.१० करोड़ रुपये के खर्च से केवल तीन महीने में यह अनोखा कारनामा कर दिखाया है।
ग्रामीण जलापूर्ति विभाग के कार्यकारी अभियंता राधेश्याम खाडे ने बताया, ‘भातसा बांध में तैरने वाले पंप से पानी की आपूर्ति करने का यह प्रयोग सफल रहा है। बांध के पास जैकवेल (कुआं) बनाकर भी जलापूर्ति की जा सकती थी, लेकिन बारिश के दौरान बाढ़ का पानी भर जाने से वह डूब जाता था और उसमें मिट्टी भर जाती थी। गर्मी के दिनों में कुआं सूख भी जाता था।’
कैसे करता है काम
बांध के पानी के ऊपर स्टील का प्रâेम तैयार करके ड्रम के माध्यम से बेड़ा बनाया गया है। इसके ऊपर ३५ हॉर्स पावर का पंप लगाया गया है, जिससे बांध का पानी पठार पर बनाई गई टंकी में छोड़ा जाता है। बांध में पानी कम होने पर स्टील का बेड़ा गहरे पानी की तरफ सरकता जाता है। बांध में अधिक पानी होने पर स्टील का बेड़ा ऊपर तैरता रहेगा और डूबेगा नहीं। इससे खरडी के नागरिकों को हमेशा पानी मिलता रहेगा। भातसा बांध में पंप शुरू करने के लिए खरडी ग्राम पंचायत में ऑटोमैटिक स्विच लगाया गया है। वहां से पंप शुरू और बंद किया जाता है। बांध में बाढ़ का ज्यादा पानी आने पर भी पंप अपने आप बंद हो जाता है।