दो सहेलियों ने सेल्फी लीं, वॉट्सऐप पर डीपी लगाई और फिर कुएं में लगा दी छलांग, मौत

मुंबई,  आरे कॉलोन स्थित कुएं में मंगलवार को 17 वर्षीय दो युवतियों ने आत्महत्या कर ली। आत्महत्या करने से पहले दोनों सहेलियों ने कुएं के पास सेल्फी ली और इसे अपने वॉट्सऐप पर डिस्प्ले पिक्चर (डीपी) बनाई। दोनों युवतियों के मोबाइल फोन, पायल, चप्पलें कुएं के बाहर मिली हैं। इससे पुलिस को संदेह है कि दोनों ने आत्महत्या की है। हालांकि पुलिस को कोई भी सुइसाइड नोट नहीं मिला है। यह कुआं बीते दो वर्षों में छह लोगों की जान ले चुका है। मीनाक्षी और सोनाली आरे के आदिवासी इलाके में रहती थीं और दोनों सहेलियां थीं। दोनों के माता-पिता आजीविका के लिए चावल उगाने और बेचने का काम करते हैं। वे दोनों गोरेगांव स्थित एक जूनियर कॉलेज में पढ़ती थीं। मीनाक्षी कक्षा आठ में पढ़ती थी जबकि सोनाली ने आठवीं के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी और सिलाई का काम करने लगी थी। 

मंगलवार को दोनों ने अपने परिजनों को बिना बताए घर छोड़ दिया। सोनाली के पिता ने बताया, 'शाम को लगभग चार बजे एक जानने वाले लड़के ने दोनों को कुएं के पास देखा लेकिन लड़कियों ने उसे मना कर दिया कि वह घर में उनके बारे में किसी को कुछ न बताए।' 

बताया जा रहा है कि सोनाली के एक लड़के साथ साथ अफेयर था। छलांग लगाने से पहले उसने अपने प्रेमी को फोन किया और आत्महत्या की बात कही। इसके बाद लड़की के बॉयफ्रेंड ने तत्काल लड़की के भाई को फोन करके इसकी सूचना दी। वे लोग तुरंत भागकर कुएं के पास पहुंचे लेकिन तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी। दोनों लड़कियों के परिजनों और दोस्तों का कहना है कि उन्होंने ऐसा कदम क्यों उठाया किसी को भी जानकारी नहीं है। दोनों के अंदर न तो कोई तनाव दिखा था न ही कोई परिवर्तन ऐसे में आत्महत्या का कारण स्पष्ट नहीं हो पा रहा है। 

सोनाली के पिता ने बताया, 'सोमवार की रात को सोनाली ने मुझसे कहा कि उसने टीवी शो में पांच ड्रेसेस देखीं है उसे वह ड्रेसेस चाहिए। मैंने उसके लिए पांचों ड्रेस का ऑर्डर कर दिया। कपड़े दो-चार दिनों में आ जाएंगे लेकिन मेरी बेटी अब उन्हें पहनने के लिए जिंदा नहीं है। 

सीनियर पीआई विजयलक्ष्मी हीरेमठ ने बताया कि परिजन की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने अग्निशमन विभाग की मदद से उक्त कुंए से दोनों लड़कियों को निकाल कर गोरेगांव स्थित सिद्धार्थ अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उन्होंने बताया कि मरने से पहले दोनों ने वॉट्सऐप पर की गई सारी चैट हिस्ट्री डिलीट कर दी हैं। 

अंग्रेजों के जमाने वाले इस कुंए में हो रही मौतों का जिम्मेदार कौन है? 

अंग्रेजी हुकूमत ने 1873 में आरे कॉलोनी में रहने वाले आदिवासियों एवं उनके पशुओं के लिए विश्व बावड़ी नाम से एक विशाल कुंए का निर्माण कराया था। इसके सहारे हजारों लोगों की जिंदगी बसर होती थी। मगर, सरकारी उदासीनता के चलते आज यह कुआं मौत का कुआं बन गया है। यहां आए दिन किसी न किसी की डूबकर मौत होने की खबर मिलते रहती है। अब तो यह खुदकुशी का अड्डा भी बनता जा रहा है। 

स्थानीय लोग इसे आरे डेयरी प्रशासन का बता रहे हैं, जो इस गहरे मौत के कुंए की टूटफूट चुकी सुरक्षा दीवार की मरम्मत नहीं कर रहा है। कुंए पर लोहे की जाली भी नहीं लगी है। इससे पहले भी 4 बच्चे इस कुंए में डूबकर मर चुके हैं। सीनियर पीआई हीरेमठ का कहना है कि उन्होंने आरे प्रशासन को 4 से 5 बार लिखित तौर पर कुंए की सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करने संबंधी पत्र लिखा है। मगर, किसी के कानों पर जूं तक नहीं रेंगती है। गौरतलब है कि सितंबर में विलेपार्ले में वटसावित्री त्योहार के दौरान कुंए की जाली टूटने से 4 महिलाओं की मौत हो गई थी, जबकि 12 लोग घायल हो गए थे। 



Most Popular News of this Week

राखीच्या धाग्यातून उमटली...

रक्षाबंधनाच्या पूर्व संध्येला मुंबईतील माहीम येथे असणाऱ्या रॉनाल्ड...

राष्ट्रीय क्रीडा...

मेजर ध्यानचंद यांच्या जयंतीनिमित्त साजरा करण्यात येणाऱ्या राष्ट्रीय...

REGISTRATIONS BEGIN FOR SEKHON INDIAN AIR FORCE MARATHON 2026

The Indian Air Force (IAF) is conducting the Sekhon Indian Air Force Marathon 2026 (SIM-26) on 04 October 2026.  The event is simultaneously being organised at seven cities across India to...

जैन समाज के साथ नवभारत टाइम्स...

मुंबई में नवभारत टाइम्स द्वारा आयोजित “जैन समाज के साथ विशेष चर्चा सत्र”...

महापौर बंगल्यातील...

"रक्षाबंधन सण हा केवळ रक्ताच्या नात्यापुरता मर्यादित नसून तो प्रेम,...

'पादचारी प्रथम’अभियानाच्या...

बृहन्मुंबई महानगरपालिकेने हाती घेतलेल्या ‘पादचारी प्रथम’ (Pedestrian First)...