हैडलाइन

छोटा शकील के भाई के साथ पाकिस्तानी भी गिरफ्तार

मुंबई, तीन दिन पहले अबू धाबी में छोटा शकील का भाई अनवर पकड़ा गया था। मुंबई पुलिस का कहना है कि अनवर के साथ एक पाकिस्तानी भी गिरफ्तार किया गया है। इस पाकिस्तानी का नाम फहीम बताया जा रहा है, पर यह भी स्पष्ट किया कि यह फहीम मुंबई अंडरवर्ल्ड से जुड़ा फहीम मचमच नहीं है। फहीम मचमच का जन्म भारत में हुआ। वह करीब ढाई दशक से पाकिस्तान में है। उसने पाकिस्तानी पासपोर्ट भी बनवा रखा है, पर अनवर के साथ गिरफ्तार हुआ फहीम मूल रूप से पाकिस्तानी है। इस अधिकारी के अनुसार, इससे यह बात साबित होती है कि अनवर पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए काम कर रहा है। अनवर और इस पाकिस्तानी की एक साथ गिरफ्तारी की खबर इसलिए बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि साल 2003 में गुजरात में बीजेपी नेता हरेन पंड्या की हत्या के बाद एक पाकिस्तानी मुंबई में फारूख देवाड़ीवाला से मिलने आया था। उस पाकिस्तानी ने बाद में मुंबई पुलिस मुख्यालय के बाहर कई बार रेकी की थी। पुलिस सूत्रों का कहना है कि फारूख के कहने पर अनवर ने रेकी के दौरान इस पाकिस्तानी की मदद की थी। लेकिन अभी यह साफ नहीं हुआ है कि अनवर ने अपने लोग वहां भेजे थे या वह खुद इस पाकिस्तानी के साथ रोज पुलिस मुख्यालय जाता था/अनवर का मूल नाम अनवर बाबू शेख है, पर उसने किसी और नाम से पाकिस्तानी पासपोर्ट बनवाया हुआ है।  अनवर का नाम मई महीने में आईएसएस एजेंट फारूख देवाडिया और सैम सैयद की अबू धाबी में गिरफ्तारी के दौरान भी आया था। सैम अभी भी दुबई की जेल में है, पर फारूख देवाडिया को अगस्त महीने में पाकिस्तान दुबई की जेल से निकालकर पाकिस्तान शिफ्ट करने में कामयाब हो गया था। सितंबर महीने के आखिरी सप्ताह में इस तरह की भी खबरें आईं कि देवाडिया का पाकिस्तान में कत्ल कर दिया गया, पर मुंबई पुलिस सूत्रों का कहना है कि इन खबरों में कोई सचाई नहीं है। 

इकबाल अतरावाला केस में वॉन्टेड 

क्राइम ब्रांच सूत्रों के अनुसार, डी कंपनी में अनवर मूल रूप से फाइनेंसर है। नोटबंदी से पहले उसने मुंबई में अलग-अलग बिल्डरों के जरिए करीब 500 करोड़ रुपये का निवेश किया, पर नोटबंदी की वजह से उसकी सारी रकम ब्लॉक हो गई। पिछले दो सालों में मुंबई में प्रॉपर्टी रेट बढ़े ही नहीं है। फिर रेरा की वजह से प्रॉपर्टी की डीलिंग में पारदर्शिता आई है। इस वजह से डीलिंग पूरी तरह ब्लैक में हो नहीं रही है। अंडरवर्ल्ड का पूरा सौदा ही ब्लैक में होता है। एक अधिकारी का कहना है कि डी गैंग ने दो साल पहले पश्चिम उपनगर में एक बिजनेसमैन इकबाल अतरावाला की हत्या की सुपारी अपने कुछ शूटरों को दी थी। वह साजिश इसलिए सफल नहीं हुई, क्योंकि क्राइम ब्रांच ने शूटरों को वारदात से पहले गिरफ्तार कर लिया था। उस केस की जांच के दौरान पता चला कि शूटरों को फाइनेंस करने का जिम्मा अनवर को सौंपा गया था। मुंबई पुलिस को लगता नहीं कि अनवर का भारत प्रत्यर्पण संभव हो पाएगा, क्योंकि अबू धाबी में उसके पास से भारतीय नहीं, पाकिस्तानी पासपोर्ट मिला है। 



Most Popular News of this Week

ALL INDIA NAU SAINIK CAMP 2026 CONCLUDES AT INS SHIVAJI, LONAVALA

The National Cadet Corps’ flagship annual training camp for Naval Wing cadets, All India Nau Sainik Camp (AINSC) 2026, concluded at INS Shivaji, Lonavala. Organized by NCC Directorate Maharashtra...

महापौर रितू तावडे यांच्यासह...

मुंबईच्या महापौर रितू तावडे, विरोधी पक्षनेता किशोरी पेडणेकर, समाजवादी...

एनएमएमटीच्या ताफ्यात दाखल...

            नवी मुंबई महानगरपालिका परिवहन उपक्रमाच्या अर्थात...

जेजुरी मार्गावरील...

 सासवड–जेजुरी मार्गावर झालेली दुर्घटना अत्यंत वेदनादायी आणि मन हेलावून...

भाजपा को ‘वन नेशन, वन पॉलिटिकल...

भारतीय जनता पार्टी संविधान का उल्लंघन करते हुए ईडी, सीबीआई तथा अन्य...

‘लाडकी बहिण’ योजनेवर...

भारतीय जनता पक्षाच्या सरकारने असा एकही विभाग अथवा क्षेत्र सोडले नाही जेथे...