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सोनम वांगचुक और कांग्रेस के मुद्दे एक जैसे हैं; लेकिन नरेंद्र मोदी ने अब तक वांगचुक से मुलाकात क्यों नहीं की?: हर्षवर्धन सपकाल

महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के मुद्दे और कांग्रेस पार्टी के मुद्दे समान हैं। कांग्रेस ने वांगचुक से पहले ही नीट परीक्षा में कथित पेपर लीक का मुद्दा उठाते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की थी। दोनों की लड़ाई एक ही मुद्दे पर है। इसलिए यह पूछने के बजाय कि राहुल गांधी ने वांगचुक से मुलाकात क्यों नहीं की, यह पूछा जाना चाहिए कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अब तक सोनम वांगचुक से मुलाकात क्यों नहीं की? केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा क्यों नहीं लिया गया?

तिलक भवन में मीडिया से बातचीत करते हुए हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि इससे पहले भी सोनम वांगचुक ने लद्दाख के मुद्दे पर अनशन किया था, लेकिन भाजपा सरकार ने उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। पिछले 20 दिनों से वह नीट पेपर लीक के मुद्दे पर अनशन कर रहे हैं, लेकिन भाजपा सरकार ने उनके आंदोलन की कोई सुध नहीं ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस विषय पर ‘मन की बात’ में भी कोई उल्लेख नहीं किया, लेकिन कांग्रेस को वांगचुक से जोड़कर देखा जा रहा है, जो पूरी तरह गलत है। मोदी सरकार ने नीट पेपर लीक के मुद्दे को गंभीरता से नहीं लिया। 24 लाख छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है। इसी कारण राहुल गांधी ने देशव्यापी ‘छात्रों की गूंज’ अभियान शुरू किया है और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लगातार उठा रहे हैं।

शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) द्वारा आयोजित ‘रामरक्षा’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत को आमंत्रित किए जाने के सवाल पर हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि भाजपा और आरएसएस का चरित्र “राम नाम जपना, पराया माल अपना” जैसा है। अयोध्या के श्रीराम मंदिर में बड़ी चोरी हुई और इस चोरी में शामिल लोग भाजपा और आरएसएस से जुड़े हुए हैं। इन लोगों की नियुक्ति भी नरेंद्र मोदी सरकार ने ही की थी। इस मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित की गई, लेकिन यह एसआईटी भी भाजपा सरकार के इशारों पर काम कर रही है, इसलिए असली दोषियों तक पहुंचने की उम्मीद नहीं की जा सकती। भाजपा और आरएसएस इस पूरे मामले पर चुप्पी साधे हुए हैं। शिवसेना ने उन्हें ‘रामरक्षा’ कार्यक्रम में आने का निमंत्रण दिया है। अगर मुख्यमंत्री और मोहन भागवत में हिम्मत है, तो उन्हें इस कार्यक्रम में जरूर जाना चाहिए।

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से मीडिया में इस विषय पर चर्चा चल रही है, लेकिन पार्टी के वरिष्ठ नेता जयंत पाटील और सांसद सुप्रिया सुळे ने अपनी पार्टी की आधिकारिक भूमिका स्पष्ट कर दी है और उसी पर विश्वास किया जाना चाहिए।


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