मुंबई/नई दिल्ली : अगर आप अपनी मौजूदा मोबाइल कंपनी से परेशान हैं और अपना नंबर किसी दूसरी कंपनी में बदलाना चाहते हैं तो आपके लिए खुशखबरी है। टेलीकॉम रेगुलेटर ट्राई ने मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी (श्र्झ् या मौजूदा टेलीकॉम कंपनी की जगह दूसरी कंपनी की सेवाएं लेना) की पूरी प्रक्रिया को और आसान बना दिया है। टेलीकॉम रेगुलेटर ने सर्विस एरिया के भीतर नंबर बदलाने से जुड़ी रिक्वेस्ट के लिए दो कामकाजी दिनों की समय अवधि तय की है। वहीं, एक टेलीकॉम सर्किल से दूसरे सर्किल में नंबर बदलाने से जुड़ी रिक्वेस्ट के लिए ४ दिन की समय सीमा तय की गई है। इसके अलावा, अगर टेलीकॉम कंपनियां मोबाइल नंबर पोर्ट कराने से जुड़ी रिक्वेस्ट को गलत तरीके से रिजेक्ट करती हैं तो उन पर १०,००० रुपये तक की पेनल्टी लगेगी।
ट्राई ने कहा है, 'पोर्टिंग से जुड़ी रिक्वेस्ट (कॉरपोरेट कैटेगरी को छोड़कर बाकी सभी मामले) को पूरा करने में तेजी लाने की खातिर इंट्रा-लाइसेंस्ड सर्विस नंबर्स के लिए समय साrमा २ कामकाजी दिन तय की गई है।' ट्राई ने कहा है कि एक सर्किल से दूसरे सर्किल वाली पोर्ट रिक्वेस्ट के लिए समय सीमा को घटाकर ४ दिन कर दिया गया है। पहले, इसकी समय सीमा १५ दिन थी।
इसके अलावा, यूनीक पोर्टिंग कोड (यूपीसी) की वैलिडिटी में भी बदलाव किया गया है। पहले के १५ दिन के बजाय अब यह ४ दिन के लिए वैध होगा। हालांकि, जम्मू-कश्मीर, असम और उत्तर-पूर्व के लिए यूनीक पोर्टिंग कोड (यूपीसी) की वैलिडिटी में बदलाव नहीं किया गया है, यह पहले की तरह १५ दिन ही होगी। टेक्स्ट मैसेज (एश्ए) के जरिए पोर्टिंग रिक्वेस्ट को वापस लेने की प्रक्रिया को आसान और तेज बनाया गया है। कॉरपोरेट पोर्टिंग के मामलों के लिए सिंगल अर्थोराइजेशन लेटर की मौजूदा ५० नंबरों की सीमा को बढ़ाकर १०० नंबर कर दिया गया है।