रिक्शों की बढ़ती संख्या के कारण अवैध रिक्शा स्टैंडों की संख्या भी बढ़ी
नवी मुंबई शहर में रिक्शों की संख्या बढ़ने के साथ ही अवैध रिक्शा स्टैंडों की संख्या भी काफी हद तक बढ़ गई है. शहर के विभिन्न रेलवे स्टेशन, एमआईडीसी, स्कूलों और कॉलेजों इलाको में बढ़े अवैध रिक्शा स्टैंडों के कारण यात्रियों को आवागमन में विभिन्न समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. सुरक्षा का मुद्दा भी निर्माण हुआ है. लेकिन इसे ट्रैफिक पुलिस द्वारा नजरअंदाज करने का आरोप नागरिको द्वारा लगाया जा रहा है. इस बीच नवी मुंबई मनपा और ट्रैफिक पुलिस आधिकारिक रिक्शा स्टैंड का निमार्ण करने की मांग नवी मुंबई रिक्शा चालक मालिक वेल्फेयर एसोशिएशन के अध्यक्ष सुभाष गायकवाड़ ने की है।
राज्य के युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने की दृष्टि से परिवहन विभाग ने वर्ष 2017 से रिक्शा, टैक्सियों के लिए लाइसेंस जारी करना शुरू कर दिया है. शहर में रिक्शों की संख्या काफी हद तक बढ़ गई है और कई लोगों ने साइड बिजनेस के रूप में रिक्शा लाइसेंस ले लिया है. रिक्शों की संख्या बढ़ने के साथ ही शहर के रेलवे स्टेशनों, बस डिपो, स्कूलों, कॉलेजों, सोसायटी, चौराहों, मॉल, कार्यालयों आदि स्थानों पर मीटर और शेयर अवैध रिक्शा स्टैंडों की संख्या भी बढ़ गई है. ये रिक्शा स्टैंड विभिन्न राजनीतिक दलों, यूनियनों, संगठनों के माध्यम से चलाये जा रहे हैं. शहर के भीड़भाड़ वाले स्थानों पर तो चार- चार स्टैंड हैं. शहर के प्रत्येक रेलवे स्टेशनो के पूर्व और पश्चिम दिशा में कुल चार प्रवेश द्वारों पर चार रिक्शा स्टैंड होना आवश्यक है. हालाँकि दोनों दिशाओं में पाँच से छह रिक्शा स्टैंड हैं. सुभाष गायकवाड़ ने बताया कि ऐसे रिक्शा स्टैंड पर मनमाने ढंग से रिक्शा खड़े होने से हर शाम जाम लग जाता है।
रेलवे स्टेशन क्षेत्र में वाहनों के लिए पार्किंग की पर्याप्त जगह नहीं होने के कारण स्टेशन के बाहर खुले स्थान के साथ-साथ सड़क किनारे भी दोपहिया और चार पहिया वाहन अवैध रूप से पार्क किए जाते हैं. इससे यातायात की भीड़ भी बढ़ जाती है. रिक्शों की संख्या बढ़ने के साथ ही बिना लाइसेंस बेंच वाले रिक्शा चालको की संख्या भी बढ़ गई हैं. कुछ रिक्शा चालक नाबालिग पाए गए है, जबकि रिक्शा आरटीओ द्वारा निर्धारित ड्रेस कोड का भी पालन नहीं किया जा रहा है. इसके साथ ही मनमाना किराया वसूलने, किराया से इनकार करने जैसी घटनाओं में भी बढ़ोतरी हुई है. फर्जी रिक्शा चालकों से यात्रियों की सुरक्षा का संकट भी निर्माण हुआ है. जिसके कारण नागरिक इस संबंध में कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।