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जुर्माना भरते हुए महिला हवलदार पर 100 की नोट फेंककर कहा- चखना खरीद लेना

मुंबई, मुंबई के वसई निवासी 3 युवकों को ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन पर करने पर वैसे तो जुर्माना भरना था लेकिन महिला ट्रैफिक कॉन्स्टेबल के साथ दुर्व्यवहार करने के चलते तीनों को जेल की हवा खानी पड़ गई। मंगलवार को नए साल के मौके पर पंकज राजबर, विवेक सिंह और सुमित वाघरी को ट्रैफिक पुलिस ने नियम तोड़ने के आरोप में रोका। तीनों दोपहिया वाहन में एक साथ सवारी कर रहे थे और चालक पंकज के पास न तो लाइसेंस था और न ही हेल्मेट। इसके अलावा वाहन के कागजात भी नहीं थे। ट्रैफिक पुलिस ने वाहन मालिक पंकज पर 4500 रुपये का जुर्माना लगाया लेकिन प्राइवेट फर्म में काम करने वाले तीनों आरोपियों ने जुर्माना के लिए पैसे न होने की बात कही। इस पर उन्हें ट्रैफिक पुलिस के अंबाडी नाका ऑफिस में जुर्माना भरने को कहा गया।

बुधवार को सुबह करीब साढ़े ग्यारह बजे तीनों जुर्माना भरने के लिए ट्रैफिक पुलिस के ऑफिस पहुंचे। यहां वेटिंग लाइन में लगने के बचाय तीनों डायरेक्ट पेनाल्टी काउंटर पर पहुंच गए जहां कॉन्स्टेबल स्वाति गोपाले तैनात थीं और उनसे जुर्माने की रकम कम करने के लिए बहस करने लगे। इस पर स्वाति ने चालान की राशि घटाकर 2100 रुपये कर दी, जो कि उनके अधिकार क्षेत्र में आता है लेकिन इसके बाद भी तीनों आरोपी जुर्माने की राशि और कम करने के लिए जोर देने लगे। इस पर स्वाति ने उन्हें साफ इनकार करते हुए अपने वरिष्ठ अधिकारियों से बात करने की सलाह दी। माणिकपुर पुलिस इंस्पेक्टर दामोदर बांदेकर ने बताया, 'इस पर तमतमाए पंकज ने 2 हजार रुपये की नोट निकालकर स्वाति पर फेंक दी लेकिन स्वाति ने अपना गुस्सा काबू करते हुए उनसे बाकी के 100 रुपये भरने को कहा ताकि वह उन्हें रसीद दे सकें। इसके बाद विवेक ने 100 रुपये की नोट निकालकर स्वाति पर फेंकते हुए कहा कि इसे चखना (शराब के साथ लिया जाने वाला हल्का स्नैक) खरीदने के लिए टिप के रूप में रख लें। 

इस पर स्वाति तुरंत माणिकपुर पुलिस स्टेशन गईं और आईपीसी की धारा 353 और 34 के तहत शिकायत दर्ज करवाई। महिला कॉन्स्टेबल के साथियों ने तीनों आरोपियों को पकड़कर उनके सामने पेश किया जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। वसई कोर्ट ने तीनों को एक दिन की कस्टडी पर जेल भेज दिया। 



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