लंदन में आयोजित संत संसद में देवेंद्र ब्रह्मचारी ने भारतीय संस्कृति, युवा चेतना, मानवीय मूल्यों और जैन दर्शन की वैश्विक प्रासंगिकता पर अपने विचार रखे। उन्होंने भगवान महावीर के “जियो और जीने दो”, अहिंसा, करुणा और विश्व मैत्री के संदेश को वैश्विक मंच पर रखते हुए विश्व शांति और मानव कल्याण का आह्वान किया। इस अवसर पर उन्हें ग्लोबल पीस अवार्ड से सम्मानित किया गया।
15 अगस्त को लंदन में भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में यूके सांसद बॉब ब्लैकमैन सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। वहीं, शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में दर्शन-पूजन कर धर्मसभा को भी संबोधित किया।
देवेंद्र ब्रह्मचारी ने कहा कि भगवान महावीर के अहिंसा, विश्व मैत्री और “जियो और जीने दो” के सिद्धांत आज भी पूरी मानवता के लिए प्रासंगिक हैं।
लंदन से मुंबई लौटने पर उनका भव्य स्वागत किया गया। उनकी यह यात्रा भारतीय संस्कृति, जैन दर्शन और विश्व शांति के संदेश को वैश्विक स्तर पर पहुंचाने वाली महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आई।