गडचिरोली : चार पैसों की कमाई हो इस उद्देश से मजदूरी हेतु दुसरे राज्य में गए मजदूरों ने संबंधित क्षेत्र में कोरोना वायरस के बढते संक्रमण के कारण वापिसी का मार्ग पकडा.इस दौरान कुछ दिन पूर्व पेरमिली परिसर के अनेक गांवों के मजदूर गांव की ओर वापिस लौटने से इस परिसर में कोरोना संक्रमण की दहशत नर्मिाण हुई है. परराज्य से स्वयं के गांव दाखिल हुए इन मजदूरों की सरकार व प्रशासन के पास कोई पंजियन नहीं होने से कोरोना का संक्रमण के बढने की संभावना नर्मिाण हुई है. जिससे जिले में प्रशासन द्वारा तत्काल परिसर के गांव में स्वास्थ्य विभाग के मार्फत सर्वेक्षण करने की आवश्यकता नर्मिाण हुई है. संपूर्ण देश के साथ महाराष्ट्र राज्य में कोरोना वायरस का संक्रमण टालने के लिए कडे कदम उठाए जा रहे है. देश में कोरोना बाधित मरीजों की संख्या दिन ब दिन बढकर 425 पर पहुंच गई है. कोरोना बाधित मरीजों की बढती संख्या को ध्यान में लेकर राज्य सरकार ने संपूर्ण राज्य में संचारबंदी के नर्दिेश जारी किए है. जिला प्रशासन की ओर वे विशेष ध्यान रखते हुए नागरिकों को कडे नर्दिेश दिए गए है. बाहरी जिले, बाहरी राज्य या बाहरी देश से आए नागरिकों की जानकारी इकट्टा की जा रही है. उन्हे 14 दिन तक एकांत में रहने के सक्ती के नर्दिेश दिए जा रहे है. इस दौरान जिले के अतिदुर्गम, संवेदनशील, आदिवासीबहूल क्षेत्र के रूप में पहचाने जानेवाले अहेरी तहसील के पेरमिली परिसर में उद्योग के कोई माध्यम नहीं होने से इन क्षेत्र के अनेक नागरिक रोजीरोटी के लिए आंध्रप्रदेश, गुजरात, तेलंगणा, मुंबई ऐसे क्षेत्र में हमेशा जाते रहे है. इस दौरान कोरोना वायरस का संक्रमण को ध्यान में लेते हुए देशभर में अजर्ट जारी किया गया है. जिससे उक्त क्षेत्र में गए मजदूरों ने स्वयं के गांव लौटने की जानकारी है. मात्र परराज्य से आए मजदूरों से कोरोना संक्रमण बढने की संभावना व्यक्त की जा रही है. जिससे नागरिको में दहशत का वातावरण नर्मिाण हुआ है.
पेरमिली परिसर अंतर्गत आनेवाले आलदंडी, चंद्रा, कोरेल्ली, येरमनार, रापेल्ली, कुरुमपल्ली, मेडपल्ली, पल्ले, मिरकल, तलवाडा आदी गांव आते है. पेरमिली परिसर में रोजगार के माध्यम नहीं होने से यहां के अनेक नागरिक मजदूरी के लिए आंध्रप्रदेश, गुजरात, आंध्रप्रदेश, तेलंगणासह मुंबई में गए थे. संपूर्ण देश में कोरोना वायरस के बढते संक्रमण के चलते राज्य सरकार ने कडे कदम उठाए. जिसेस संपूर्ण देशभर में लॉकडाऊन की स्थिती नर्मिाण हुई है. इस दौरान पर राज्य में गए इन मजदूरों ने स्वयं के गांव की ओर लौटे है. जिसेस पेरमिली परिसर के परराज्य में गए सैंकडों मजदूरों का गुट कुछ दिन पूर्व स्वयं के गांव वापिस लौटा है. इन मजदूरों को कोरोना वायरस के प्रादुर्भाव होने का व्यापक संभावना होने से इस परिसर के नागरिकों में दहशत का वातावरण है. राज्य सरकार ने अनेक नर्बिंध लगाते हुए पेरमिली परिसर के सैंकडो मजदूर विगत 2 से 3 दिन पूर्व जिले में दाखिल होने की जानकारी है. मात्र अबतक इन मजदूरों की जिला प्रशासनस्तर से कोई भी जांच अथवा पुछताच नहीं की गई है. जिससे पेरमिली परिसर अंतर्गत आनेवाले गांवों में कोरोना वायरस का प्रादुर्भाव बढने की संभावना लोगों में जताइ्र जा रही है. जिससे जिला प्रशासन तत्काल मजदूरों की जांच कर स्वास्थ्य विभाग संबंधित गांव में कोरोना जांच मुहिम चलाने की मांग हो रही है.
अहेरी तहसील के चौडमपल्ली का एक व्यक्ति 2 से 3 दिन पूर्व आंधप्रदेश के करीमनगर से चौडमपल्ली में लौटा था. इस दौरान जिला प्रशासन की ओर से संदीघ्न के रूप में उक्त व्यक्ति की कोरोना वायरस संक्रमण के तहत जांच कीग ई. मात्र उक्त व्यक्ति के रिपोर्ट निगेटीव आए है. उक्त व्यक्ति को क्वारंटाईन किया गया होकर 14 दिन तक बाहर न जाने से सक्त नर्दिेश दिए गए है. कोरोना संक्रमण रोकने के लिए केंद्र व राज्य सरकार कडे कदम उठा रही है. गडचिरोली जिले में इससे पूर्व 144 धारा लागू कर जमावबंदी आदेश निकाले गए थे. मात्र कोरोना के बढते संक्रमण को ध्यान में रखकर जिले में संचारबंदी घोषीत की गई है. इस आदेश से नागरिकों को 5 की संख्या में एकजुट रहने पर पाबंदी लगाई गई है. भीड के माध्यम से कोरोना वायरस का अधिक फैलाव होने की संभावना से सरकार ने यह नर्णिय लिया है. पंतप्रधान द्वारा किए गए जनता कर्फ्यू को रविवार को व्यापक प्रतिसाद मिला. मात्र सोमवार को सडकों पर नागरिकों की रेचचेल बढ गई थी. कुछ जगह भीड भी दिखाई पड रही थी. संचारबंदी के कारण अब इसपर अब प्रतिबंध लगने की बात कहीं जा रही है. साथ ही सरकार ने जिले के सीमा बंदी का आदेश भी निकाला है. जिससे जिले के नागरिकों को अन्य जिले में तथा परजिले के नागरिकों को गडचिरोली में दाखिल होने में प्रवेशबंदी रहनेवाली है. विदेश से जिले में दाखिल हुए 36 नागरिकों की प्रशासन द्वारा पंजियन किया गया है. उनमें से 19 नागरीकों की जांच की गई होकर उनमें कोई लक्षण नहीं दिखाई देने से उन्हे घर भेजा गया है. 17 नागरीक प्रशासन के निगरानी में है. इनमें से 15 नागरीकों केा घर में ही निगरानी में रखा गया है. वहीं 2 नागरिकों को स्वास्थ्य विभाग के विलगीकरण कक्ष में रखा गया है. 9 नागरीकों के रक्त नमुनों की जांच की गई. उनमें से 7 नागरिकों के रिपोर्ट निगेटीव होकर 2 नागरिकों के रिपोर्ट अबतक प्राप्त नहीं होने की जानकारी जिला प्रशासन ने दी है.