नागपुर : सिटी के मेयो और मेडिकल में 59 कोरोना वायरस से संक्रमित होने का फेक आडियो क्लिप बनाकर वायरल करने वाले 3 आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. सायबर सेल ने 2 दिनों में 500 से अधिक वाट्सअप नंबरों की जांच की. जांच करते हुए पुलिस को मुख्य आरोपी का पता चला और उन्होंने शुक्रवार की सुबह 6.22 बजे तीनों आरोपी को घर से धर दबोचा. आरोपियों में अमरविहार सोसाइटी कामठी रोड निवासी जय उर्फ मोनू ओमप्रकाश गुप्ता (37), मिसाल लेआउट जरीपटका निवासी अमित शिवपाल पारधी (38) और संयुगनगर अजनी निवासी दिव्यांशु रामविलास मिश्रा (33) का समावेश है. आरोपियों के खिलाफ सदर पुलिस थाने में मामला दर्ज कर एक दिन का पीसीआर दिया गया है. दरअसल 24 मार्च को सिटी में एक आडियो क्लिप खूब वायरल हुई थी, जिसमें जय और अमित ने आपस में फोन पर संवाद साधते हुए मेडिकल और मेयो अस्पताल में कोरोना पाजिटिव की संख्या 59 हो गई है और 200 से अधिक मामले हैं. इसकी जानकारी उन्हें नितिन ने दी है और मेडिकल के 3 में से एक डा. कमलेश वेन्टीलेटर पर है. ऐसी फेक आडियो क्लिप बनाकर आरोपियों ने उसे वाट्सअप ग्रुप में वायरल कर दिया. इसमें तीसरा आरोपी दिव्यांश आडियो बनाने में मदद कर रहा था. जय एमबीए होने के साथ खुशी मोटर्स और आरोपी अमित बीई मैकेनिकल हो चुका है. वहीं दिव्यांश बी.टेक कम्प्यूटर इंजीनियर होने के साथ लखनऊ के एक फाइनेन्स कम्पनी में मैनेजर है. वह अपनी पत्नी की डिलीवरी के लिए शहर आया हुआ था. आडियो क्लिप वाट्सअप के जरिये कोल्हापुर, नाशिक के साथ गुजरात के अहमदाबाद तक भी जा पहुंचा. नागपुर में इतने पाजिटिव केस होने की खबर सुनकर सभी अचंभित हो गए.
सीपी बी.के. उपाध्याय ने कहा कि फेक आडियो क्लिप बनाकर वायरल करने वाले आरोपियों को सायबर सेल ने गिरफ्तार कर लिया है. उन्हें मामला दर्ज कर कड़ी से कड़ी सजा देने के लिए कोर्ट में पेश करने के बाद एक दिन का पीसीआर दिया गया. नागरिकों से अपील है कि किसी भी प्रकार अफवाह न फैलाएं, गलत सूचना न दे, जिससे कि नागरिकों में दहशत का माहौल बने. ऐसी अफवाह फैलाने वाले नागरिकों पर प्रशासन द्वारा कड़ी कार्रवाई कर आरोपी को जेल भेजा जाएगा. वाट्सअप एक दूसरे के साथ संपर्क रखने के लिए प्रभावी संवाद माध्यम है. इसका उपयोग अच्छे कामों के लिए किया जाए. बावजूद इसके वाट्सअप ग्रुप में कई अफवाहों को फैलाया जाता है. ग्रुप एडमिन की जिम्मेदारी है कि यदि कोई भी व्यक्ति ऐसे गलत और समाज में दहशत निर्माण करने वाले मैसेज भेजता है तो उसे रोक दे. पुलिस आयुक्त ने कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम को 50,000 रुपये का इनाम दिया है. सदर पुलिस स्टेशन के सीनियर पीआई महेश बनसोडे, जगताप, विशाल माने, विलास मोटे के मार्गदर्शन में इस घटना की जांच डीसीपी श्वेता खेड़कर की टीम के हेड कांस्टेबल विनोद तिवारी, विजेंद्र यादव, सुधीर मडावी, केशव वाघ, विनोद कुवारी, सैयद अली आदि ने कार्रवाई को अंजाम दिया.