बाजार में चमकने लगे देशी फ्रीजर,
200 से 500 रुपए कीमत
नवी मुंबई। गर्मी का मौसम शुरू होते ही शहर में मिट्टी के मटकों की मांग बढ़ने लगी है. वहीं शहर में जगह-जगह मिट्टी के बर्तनों की दुकानें भी सजने लगी हैं. जैसे-जैसे गर्मी बढ़ रही है शहर की सड़कों पर मटकों की दुकानों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिन पर अलग-अलग वैराइटी के मटके हैं और मटकों की कीमत 200 से 500 रुपए तक है. मटका विक्रेताओं ने बताया कि वर्तमान में नवी मुंबई में गुजरात से मटके आ रहे है।
अप्रैल के पहले सप्ताह में सूर्य ने अपने तीखे तेवर दिखाने शुरू कर दिए है. ऐसे में सूखे कंठ की प्यास बुझाने के लिए हर गली और चौक-चौराहों पर देशी फ्रीज की डिमांड बढ़ गई है. ऐसे में अब जगह-जगह मटकों का बाजार भी सजने लगा है. नवी मुंबई के कई नर्सरियों से लेकर ठेले पर मटके लेकर सड़क किनारे मटके बिक्री के लिए शुरू हो चुके है. उलवे के साप्ताहिक मंडी में छोटे मटके 200 रुपए व बड़े मटके 300 से 500 रुपए तक बिक रहे हैं. लोग अपने बजट के अनुसार मटके खरीद रहे है. जानकारों की मानें तो 80 फीसदी ग्रामीण इलाकों में ज्यादातर लोग अभी भी मटके का ही पानी पीते हैं. वहीं शहर में भी कोरोना के बाद से लोग फ्रीज के पानी की बजाय मटके का पानी पीने लगे हैं. आमजन का मानना है कि फ्रिज के पानी के मुकाबले मटके का पानी सेहत के लिए भी ठीक रहता है. मटके के पानी का अलग ही स्वाद होता है. मटके का पानी पीने से खांसी, जुकाम की भी शिकायत नहीं होती. लोगों की पसंद को ध्यान में रखते हुए मटकों को स्टाइलिश लुक भी दिया जा रहा है।