यात्रियों की जान जोखिम में डालने वाली 100 बसें अशोक लीलैंड के सर्विस सेंटर में जमा,
अशोक लीलैंड परिसर में विरोध प्रदर्शन
ठाणे। खराब बस गाड़ियों की बिक्री के बाद भी उनकी मरम्मत में लापरवाही; बस खरीदारों की समस्याएं नहीं सुनने से नाराज मुंबई बस ओनर्स एसोसिएशन और बस मालिक सेवा संघर्ष समिति के सदस्य आक्रामक हो गए है. ये बस मालिक सोमवार को नायगांव के पास सर्विस सेंटर गए और अपनी 100 से अधिक बसें जमा किये. दिलचस्प बात यह है कि इन बसों को जमा करने के बाद भी अशोक लीलैंड की ओर से कोई जवाब नहीं मिलने पर वाहन मालिकों ने बारिश में ही धरना प्रदर्शन किया।
निजी ट्रांसपोर्टरों ने अशोक लीलैंड द्वारा लॉन्च की गई 13.5 मीटर लंबी बसें लगभग 1,000 करोड़ रुपये की लागत से खरीदी हैं. लेकिन इन बसों के खराब होने से सफर के दौरान हादसों का खतरा बढ़ गया है. इस संबंध में मुंबई बस ओनर्स एसोसिएशन ने 13 जून को ठाणे में अशोक लीलैंड कंपनी के अधिकारियों से मुलाकात की थी और कोई रास्ता निकालने का अनुरोध किया था. हालाँकि प्रबंधन ने उनके अनुरोध को नजरअंदाज कर दिया. इसके बाद भी फ्रंट व्हील हब में दरार, व्हील डिस्क का टूटना, क्लच-प्रेशर प्लेट, रिलीज बेयरिंग, क्लच सिलेंडर, डीजल पाइप का टूटना, साइलेंसर का पाइप का टूटना, सप्लाई का पाइप का टूटना, गियर बॉक्स-ब्रेक लाइनर का टूटना आदि की समस्या बनी रही. दिलचस्प बात यह है कि ये समस्याएं कुछ ही महीनों में निर्माण हुई हैं और अशोक लीलैंड किसी भी तरह की सुविधा या वारंटी नहीं दे रहा है. नतीजा यह हुआ कि आज निराश होकर करीब 100 बस मालिक सीधे सर्विस सेंटर पहुंचे और अपनी बसें लौटा दीं. इस बीच इन बसों को लौटाने के बाद भी प्रबंधन की ओर से कोई साधारण पूछताछ नहीं की गई. या फिर प्रबंधन की ओर से कोई भी अधिकारी बस मालिकों से मिलने नहीं आया तो नाराज बस मालिकों ने वहीं कीचड़ में बैठकर धरना दिया.