सुनील छेत्री की अगुवाई में भारत की टीम संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में होने वाली एएफसी एशियन कप फुटबॉल चैंपियनशिप में अपने अभियान का आगाज अबू धाबी में 6 जनवरी को थाईलैंड के खिलाफ मैच से करेगी। भारत की टीम एएफसी एशियन कप में ग्रुप 'ए’ में बहरीन, थाईलैंड और मेजबान यूएई के साथ रखा गया है। एएफसी कप में भारत का दारोमदार इन 23 पर रहेगा।
गोलकीपरगुरप्रीत सिंह संधू:
उम्र (26 वर्ष)। 2017 में नार्वे के क्लब स्ताबेक से हीरो इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) का रुख करने के बाद के गुरप्रीत ने क्लब स्तर पर और राष्ट्रीय स्तर पर काफी अच्छा प्रदर्शन किया है। वह राष्ट्रीय फुटबॉल कोच स्टीफेन कांस्टेनटाइन की पहली पसंद हैं। वह निर्विवाद रूप से भारत के नंबर एक गोलरक्षक हैं। हाल ही में उन्होंने कई मौकों पर भारत के लिए सराहनीय प्रदर्शन किया है। भारत का यह पतला दुबला और लंबा गोलरक्षक प्रतिद्वंद्वी के हमलों को भांपने में माहिर है। यही उन्हें बतौर गोलरक्षक देश का बेहतरीन गोलरक्षक बनाता है। वह नार्वे जाने से पहले ईस्ट बंगाल के लिए खेले। संधू भारत के लिए 29 मैच खेल चुके हैं।
अमरिंदर सिंह:
उम्र 25 बरस। अमरिंदर ने अपने फुटबॉल करियर का आगाज एक स्ट्राइकर के तौर पर किया लेकिन कोच ने उनकी गोलकीपिंग क्षमताओं को पहचाना। पंजाब में जन्मे अमरिंदर राष्ट्रीय टीम में गुरप्रीत के बाद दूसरे सबसे अच्छे गोलकीपर हैं। हीरो आईएसएल में मुंबई सिटी एफसी के लिए खेलने वाले अमरिंदर इससे पहले पुणे एफसीए एटीके और बेंगलुरु एफसी के लिए खेल चुके हैं। वह एएफसी कप सेमीफाइनल में भी खेल चुके हैं। अमरिंदर अपनी गजब की फुर्ती के कारण उनका नाम देश के श्रेष्ठ गोलरक्षकों में लिया जाता है।
विशाल कैथ:
उम्र 22 बरस। एफसी पुणे सिटी के लिए खेलते हुए विशाल कैथ ने खुद की पहचान देश के प्रतिभाशाली गोलरक्षक के रूप में बनाई। उनके रिफलेक्सिज अच्छे हैं। वह हवा में अचूक गोता लगाकर वह गेंद को लपक कर खुद अपने कब्जे में लेने में माहिर है। वह खुद को गुरप्रीत के उत्तराधिकारी के तौर पर स्थापित करने में कामयाब रहे हैं। कैथ 2018 के सैफ चैंपियनशिप के लिए भारत के पसंदीदा गोलकीपर थे। वह सभी चार मैचो में खेले थे और दो में उन्होंने कोई गोल नहीं खाया।