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जानना चाहता हूं कि राम मंदिर का निर्माण भी बीजेपी का जुमला तो नहीं: उद्धव ठाकरे

मुंबई, शिवसेना पार्टी प्रमुख उद्ध‌व ठाकरे ने कहा कि उन्होंने जानबूझकर चुनाव के मौके पर राम मंदिर का मुद्दा उठाया है, क्योंकि हम जानना चाहते हैं कि बीजेपी के अच्छे दिन की तरह राम मंदिर का निर्माण भी एक जुमला तो नहीं है? इस बार तो मुद्दे पर दूध का दूध और पानी का पानी हो ही जाना चाहिए। उद्धव ठाकरे ने मंगलवार को टीवी जर्नलिस्ट असोसिएशन के दिवाली अंक न्यूजरूम लाइव के विमोचन समारोह में यह बात कही। उन्होंने कहा कि जब भी चुनाव आते हैं, राम मंदिर के मुद्दे पर बीजेपी राजनीति करती है। खत्म होते ही राम मंदिर को भूल जाती है। अब जब चुनाव सिर पर हैं, तो राम मंदिर का मुद्दा उठना तय है। जब से मैंने रामलला के दर्शन के लिए अयोध्या जाने की घोषणा की है, तब से मुझ पर टीका टिप्पणी हो रही है, लेकिन मुझे उसकी परवाह नहीं है।

झूठ बोलकर वोट नहीं 

उद्ध‌व ठाकरे ने कहा कि शिवसेनाप्रमुख दिवंगत बालासाहेब ठाकरे ने मुझे यही सिखाया है कि झूठ बोलकर जनता से वोट नहीं मांगना। इसलिए वोट के लिए कभी जनता से झूठ नहींम बोलूंगा। फिर चाहे मुझे एक भी वोट नहीं मिले।

छत्रपति की सीख 

उद्धव ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज ने अपने झंडे का ध्वज भगवा क्यों रखा? उन्होंने अपने साम्राज्य को हिंदवी स्वराज्य क्यों कहा? इसलिए क्योंकि वह जानते थे कि विभिन्न मतों, में बंटे समाज को केवल हिंदुत्व ही एकजुट कर सकता था। आज हम कई सारे महापुरुषों का नाम लेते हैं, लेकिन अगर हम अपने महापुरुषों के कार्यों को आगे नहीं बढ़ा सकते, तो हमारे होने का ही कोई अर्थ नहीं है। 



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