बाबा राम सिंह की मौत : मोदी सरकार क्रूरता की हर हद पार कर चुकी- राहुल गांधी

दिल्ली : संत बाबा राम सिंह की मौत पर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी समेत कई नेताओं ने दुख जताया है. राहुल गांधी ने बाबा राम सिंह को श्रद्धांजलि देने के साथ मोदी सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि कई किसान अपने जीवन की आहुति दे चुके हैं. मोदी सरकार क्रूरता की हर हद पार कर चुकी है.
राहुल गांधी ने ट्वीट किया कि करनाल के संत बाबा राम सिंह जी ने कुंडली बॉर्डर पर किसानों की दुर्दशा देखकर आत्महत्या कर ली. इस दुख की घड़ी में मेरी संवेदनाएं और श्रद्धांजलि. कांग्रेस सांसद ने आगे लिखा कि कई किसान अपने जीवन की आहुति दे चुके हैं. मोदी सरकार क्रूरता की हर हद पार कर चुकी है. जिद छोड़ो और तुरंत कृषि विरोधी कानून वापस लो.
वहीं, कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने भी शोक जताया है. उन्होंने कहा कि हे राम, यह कैसा समय. ये कौन सा युग. जहां संत भी व्यथित हैं. संत राम सिंह जी सिंगड़े वाले ने किसानों की व्यथा देखकर अपने प्राणों की आहुति दे दी. रणदीप सुरजेवाला ने आगे कहा कि ये दिल झकझोर देने वाली घटना है. प्रभु उनकी आत्मा को शांति दें. उनकी मृत्यु, मोदी सरकार की क्रूरता का परिणाम है.
शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि संत बाबा राम सिंह से किसानों का दर्द नहीं देखा गया. उन्होंने खुद को गोली मार ली. उनका बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा. सुखबीर बादल ने कहा कि मैं भारत सरकार से आग्रह करता हूं कि वो स्थिति को और खराब न होने दे और तीनों कृषि कानूनों को निरस्त करे.
वहीं, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि संत बाबा राम सिंह जी की आत्महत्या की खबर बेहद पीड़ादाई है. इस दुख की घड़ी में उनके परिवार के प्रति संवेदनाएं. सीएम ने कहा कि हमारा किसान अपना हक ही तो मांग रहा है, सरकार को किसानों की आवाज सुननी चाहिए और तीनों काले कानून वापस लेने चाहिए.
आपको बता दें कि दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर (सिंघु बार्डर) पर किसानों के धरने में शामिल संत बाबा राम सिंह ने बुधवार को खुद को गोली मार ली. जिस वजह से उनकी मौत हो गई. उन्होंने सिंघु बॉर्डर के पास आत्महत्या की. बाबा राम सिंह करनाल के रहने वाले थे. उनका एक सुसाइड नोट भी सामने आया.
सुसाइड नोट के मुताबिक, संत बाबा राम सिंह ने किसानों पर सरकार के जुल्म के खिलाफ आत्महत्या की है. संत बाबा राम सिंह ने सुसाइड नोट में लिखा है कि किसानों का दुख देखा. वो अपना हक लेने के लिए सड़कों पर हैं. बहुत दिल दुखा है. सरकार न्याय नहीं दे रही. जुल्म है. जुल्म करना पाप है, जुल्म सहना भी पाप है.
65 वर्षीय बाबा राम सिंह हरियाणा के करनाल के रहने वाले थे. बताया जाता है कि हरियाणा और पंजाब के अलावा दुनियाभर में उनके लाखों की संख्या में अनुयायी हैं. वो कई सिख संगठनों में अलग-अलग पदों पर रह चुके हैं. संत बाबा राम सिंह किसान होने के साथ धार्मिक उपदेशक भी थे. वो पिछले कुछ दिनों से दिल्ली में थे और किसानों के समर्थन में आवाज उठा रहे थे. उन्होंने शिविर की भी व्यवस्था की थी और कंबल भी बांटे थे. संत बाबा रामसिंह का डेरा करनाल जिले में सिंगड़ा गांव में है. वो सिंगड़ा वाले बाबा जी के नाम से मशहूर थे.


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