नरेंद्र मोदी के कारण किसी ने हमारे देश की ओर टेढ़ी नजर से देखने की हिम्मत नहीं की - सुनील तटकरे
अलीबाग-जीराड में महायुती की जाहिर प्रचार सभा
अलिबाग - झिराड। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014 में देश की बागडोर संभाली और देश की अर्थव्यवस्था में भारी बदलाव देखने को मिला. दुनिया के विकसित देशों की तुलना में आपके और मेरे भारत के गौरवपूर्ण स्थान को अक्षुण्ण रखने के लिए मोदी के महान प्रयास, विदेश नीति, विदेश नीति, पड़ोसी देश हमें टेढ़ी नजर से देख रहे थे, लेकिन पिछले दस वर्षों में उनके अंदर टेडी नजर से देखने का हिम्मत नही है यह नरेंद्र मोदी की दरार है जिसे दुनिया अनुभव कर रही है. यह सब करते हुए एनसीपी के प्रदेश अध्यक्ष और रायगढ़ लोकसभा क्षेत्र के उम्मीदवार सांसद सुनील तटकरे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के काम की सराहना करते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी देश के आम आदमी के लिए भी काम कर रहे हैं।
डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर ने हमें संविधान दिया. 1952 से अब तक हम संविधान के माध्यम से 18वीं लोकसभा में प्रवेश कर रहे हैं. सत्रह बार इस देश की आम जनता जानना चाहती है कि हमारे लिए इस देश में सरकार किसकी हो... कौन देश का सही नेतृत्व कर सकता है... कौन आम मतदाताओं को एकजुट रख सकता है... अनगिनत भाषाओं वाला हमारा देश.. अनेक धर्मों का देश... इस देश में डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर ने लोगों को यह अधिकार दिया कि यदि वे संप्रभुता, एकता और अखंडता बनाए रखना चाहते हैं तो नेतृत्व तय करें. लोगों को मिले अधिकार का उपयोग करके देश में कई बदलाव हुए हैं और जिस संविधान के माध्यम से मोदी काम करने का प्रयास कर रहे हैं, उसके संविधान और उद्देश्य पर विपक्षी दल संदेह उठा रहे हैं, इस बात पर सुनील तटकरे ने नाराजगी व्यक्त की. चंद्रयान अपने वैज्ञानिकों की वजह से चांद पर गया यह मान्य है, लेकिन इसका सारा श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिया जाना चाहिए जो उन वैज्ञानिकों के पीछे मजबूती से खड़े रहे, लेकिन विपक्ष ने ढुलमुल सोच दिखाई इसकी आलोचना भी सुनील तटकरे ने की. महायुति की जाहिर प्रचार सभा मापगांव जिला परिषद समूह के जिराड गांव में आयोजित संपन्न हुई. इस सभा मे राकांपा प्रदेश अध्यक्ष और रायगढ़ लोकसभा क्षेत्र के उम्मीदवार सांसद सुनील तटकरे, भाजपा महिला प्रदेश अध्यक्ष चित्रा वाघ, भाजपा जिला महासचिव महेश मोहिते, दिलीपशेठ भोईर सहित बड़ी संख्या में राकांपा, शिवसेना, भाजपा, मनसे और आरपीआई के पदाधिकारी और कार्यकर्ता आदि उपस्थित थे।