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इस साल फिर पनवेल में लम्पी की एंट्री ? 


इस साल फिर पनवेल में लम्पी की एंट्री ? 

तीन विभाग का पर्यवेक्षक का पद खाली


पनवेल। पिछले साल लम्पी बीमारी बड़े पैमाने पर फैली थी. लेकिन इस साल भी यह बीमारी पनवेल में प्रवेश करने का देखा जा रहा है. पनवेल तालुका के वावंजे गांव के एक फार्म में लम्पी जैसी बीमारी के कारण एक गाय की मौत होने का मामला सामने आया है, जबकि दस से अधिक मवेशी संक्रमित होने का बताया जा रहा हैं. लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि महामारी बढ़ने के बावजूद पशुचिकित्सक अधिकारी अभी तक नही आने का आरोप किसान और फार्म के मालिक ने किया है. गौरतलब है कि पनवेल तालुका में ग्रामीण इलाकों में बड़ी मात्रा में कृषि और विभिन्न कार्य मवेशियों की मदद से किए जाते हैं, खासकर तालुका में बड़ी मात्रा में बैल दौड़ होने के कारण पशुधन होने होने के बावजूद वावंजे, तलोजा एंव तारा इन तीनो विभागों के पशुधन पर्यवेक्षक के पद खाली हैं।

पनवेल तालुका के वावंजे गांव के एक फार्म के मालिक ने बताया कि उनके फार्म के मवेशियों के शरीर पर पूरी तरह से जख्म हो गए हैं. कई जानवरों का मास सड़कर गिर रहा है. वंहा पशुधन पर्यवेक्षक का पद पिछले साल से खाली होने के कारण निजी अस्पतालों में मवेशियों का इलाज कराना पड़ रहा है. वर्ष 2022-23 में प्रदेश में 'लम्पी' का प्रकोप बड़ा फैला था.  गंभीर लक्षण वाले पशुओं की भी मौत हो गई. इस बीच सितंबर महीने में पनवेल तालुका के शहरी और ग्रामीण इलाकों में लम्पी बीमारी फिर से देखने को मिल रही है. ग्रामीण इलाकों में अब भी मवेशियों की बड़ी संख्या है।

लम्पि के लक्षण

बुखार, त्वचा के नीचे विशेष रूप से सिर, गर्दन, पैर, छाती आदि जगहों पर गांठ साथ ही मुंह, गले और श्वसननलिका, फेफड़ों में चकत्ते और छाले, लार आना, कमजोरी और भूख न लगना।


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