सुषमा स्वराज के जीवन पर आधारित पुस्तक ‘अग्निशिखा सुषमा स्वराज’ के हिंदी संस्करण की पहली प्रति राज्यपाल को भेंट

देश की प्रखर राजनेता, दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व केंद्रीय मंत्री रहीं दिवंगत सुषमा स्वराज एक अद्भुत भाषाई विदुषी थीं। उनका संपूर्ण जीवन महिला सशक्तीकरण, सेवा और समर्पण का अनुकरणीय उदाहरण है। उनकी सामाजिक सक्रियता और जनसेवा के कार्य आने वाली पीढ़ियों को सदैव प्रेरणा देती रहेंगी। यह विचार महाराष्ट्र के सम्माननीय राज्यपाल महामहिम श्री जिष्णु देव वर्मा ने मुंबई स्थित लोकभवन में आयोजित एक गरिमामय समारोह में व्यक्त किए। इस अवसर पर मुंबई भाजपा के उपाध्यक्ष, पूर्व राज्यमंत्री एवं वरिष्ठ राजनेता अमरजीत मिश्र ने लेखिका मेधा किरीट सोमैया द्वारा लिखित मराठी पुस्तक ‘अग्निशिखा सुषमा स्वराज’ के स्वयं द्वारा किए गए हिंदी अनुवाद की पहली प्रति राज्यपाल को भेंट की।राज्यपाल जिष्णुदेव वर्मा ने कहा कि पूर्व केंद्रीय मंत्री सुषमा स्वराज की भाषा अत्यंत संस्कृतनिष्ठ और प्रभावशाली थी। उन्होंने कहा कि सुषमा स्वराज ने अपनी वाक्पटुता और भाषा की समृद्धता से सार्वजनिक जीवन में अपनी अलग पहचान बनाई।

कार्यक्रम की शुरुआत लेखिका मेधा सोमैया ने सुषमा स्वराज के जीवन, संघर्ष, राजनीतिक यात्रा और सामाजिक योगदान को याद करते हुए की। उन्होंने सुषमा स्वराज के साथ जुड़ी अपनी भावनात्मक स्मृतियां साझा कीं और बताया कि किस तरह उन्होंने अपने व्यक्तित्व, संवेदनशील नेतृत्व और कार्यशैली से लाखों लोगों को प्रेरित किया।

इस अवसर पर भाजपा नेता अमरजीत मिश्र ने सुषमा स्वराज की अद्भुत भाषाई क्षमता, प्रभावशाली वक्तृत्व शैली और दूरदर्शी सोच पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सुषमा स्वराज केवल एक सफल राजनेता नहीं थीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, भाषाओं और मूल्यों की सशक्त प्रतिनिधि भी थीं। विभिन्न विषयों पर उनकी गहरी पकड़ और संवाद की प्रभावशाली शैली उन्हें राजनीति में विशिष्ट पहचान दिलाती थी।उन्होंने सुषमा स्वराज के नेतृत्व में मॉरीशस में हुए ११ वें विश्व हिंदी सम्मेलन में हिस्सा लेने के अपने संस्मरण को भी साझा किया। 

राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने सुषमा स्वराज के व्यक्तित्व और योगदान को याद करते हुए कहा कि वे महिला सशक्तीकरण की मजबूत प्रतीक थीं। उनकी भाषा पर पकड़, विषयों की गहरी समझ और प्रभावी अभिव्यक्ति क्षमता अद्वितीय थी। उन्होंने भारतीय राजनीति में मर्यादा, संवेदनशीलता और संस्कारों की एक नई मिसाल स्थापित की।

राज्यपाल ने सुषमा स्वराज के संस्कृत ज्ञान का उल्लेख करते हुए कहा कि वे शिव तांडव स्तोत्र का प्रभावशाली पाठ करती थीं। यह उनके भारतीय संस्कृति और परंपराओं के प्रति गहरे लगाव को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि संस्कृत भाषा का अध्ययन बचपन से विद्यालयों में कराया जाना चाहिए, क्योंकि बचपन में सीखी गई बातें जीवनभर स्मरण रहती हैं। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि आज भी उन्हें बचपन में सीखे गए संस्कृत के श्लोक और स्तोत्र याद हैं।

राज्यपाल ने कहा कि शिक्षा केवल ज्ञान अर्जित करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह संस्कार, चरित्र और व्यक्तित्व निर्माण की आधारशिला भी है। भारतीय भाषाओं और संस्कृति का संरक्षण आने वाली पीढ़ियों के लिए अत्यंत आवश्यक है।

इस अवसर पर पूर्व सांसद किरीट सोमैया, महाराष्ट्र राज्य हिंदी साहित्य अकादमी के पूर्व कार्याध्यक्ष डॉ. शीतला प्रसाद दुबे, पत्रकार विकास संघ के अध्यक्ष आनंद मिश्र, गायिका संजोली पांडेय, के एस मिश्र,वरिष्ठ पत्रकार शैलेंद्र श्रीवास्तव, सुनील सिंह सहित साहित्य, राजनीति, शिक्षा और पत्रकारिता जगत से जुड़े अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में सुषमा स्वराज के जीवन मूल्यों, उनके संघर्ष, महिला सशक्तीकरण के प्रयासों और समाज के प्रति उनके योगदान पर विस्तार से चर्चा हुई।

कुल मिलाकर यह आयोजन साहित्य, संस्कार, भाषा और प्रेरणा का संगम बन गया। सुषमा स्वराज का जीवन आज भी उन सभी लोगों के लिए प्रेरणास्रोत है, जो समाजसेवा, नेतृत्व और सकारात्मक बदलाव का सपना देखते हैं। विशेष रूप से महिलाओं के लिए उनका जीवन आत्मविश्वास, संघर्ष और सफलता की नई राह दिखाता है।


Most Popular News of this Week

राखीच्या धाग्यातून उमटली...

रक्षाबंधनाच्या पूर्व संध्येला मुंबईतील माहीम येथे असणाऱ्या रॉनाल्ड...

राष्ट्रीय क्रीडा...

मेजर ध्यानचंद यांच्या जयंतीनिमित्त साजरा करण्यात येणाऱ्या राष्ट्रीय...

महापौर बंगल्यातील...

"रक्षाबंधन सण हा केवळ रक्ताच्या नात्यापुरता मर्यादित नसून तो प्रेम,...

जैन समाज के साथ नवभारत टाइम्स...

मुंबई में नवभारत टाइम्स द्वारा आयोजित “जैन समाज के साथ विशेष चर्चा सत्र”...

'पादचारी प्रथम’अभियानाच्या...

बृहन्मुंबई महानगरपालिकेने हाती घेतलेल्या ‘पादचारी प्रथम’ (Pedestrian First)...

REGISTRATIONS BEGIN FOR SEKHON INDIAN AIR FORCE MARATHON 2026

The Indian Air Force (IAF) is conducting the Sekhon Indian Air Force Marathon 2026 (SIM-26) on 04 October 2026.  The event is simultaneously being organised at seven cities across India to...