महात्मा जोतीराव फुले की १९९वीं जयंती के शुभ अवसर पर बहुजन, ग्रामीण एवं वंचित वर्ग के उद्यमियों को मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से नेक्स्ट जनरेशन चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (NCCI) का मुंबई में भव्य शुभारंभ हुआ। बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स स्थित वॉकहार्ट टॉवर्स में आयोजित उद्घाटन एवं रिबन कटिंग समारोह में उद्योग, बैंकिंग, प्रशासन एवं सामाजिक क्षेत्र के अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
संस्था के संस्थापक प्रवीण मोरे एवं सह-संस्थापक शितल बोराडे की पहल पर स्थापित इस चेंबर ने महात्मा फुले जयंती के दिन अपना शुभारंभ कर एक स्पष्ट सामाजिक संदेश दिया — आर्थिक अवसर मुट्ठीभर लोगों तक सीमित न रहकर समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचने चाहिए।
कैप्शन : नेक्स्ट जनरेशन चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (NCCI) के उद्घाटन समारोह के अवसर पर संस्था के संस्थापक, पदाधिकारी एवं सहभागी उद्यमियों का सामूहिक चित्र — वॉकहार्ट टॉवर्स, बीकेसी, मुंबई, ११ अप्रैल २०२६.
उद्घाटन सत्र में संस्थापक प्रवीण मोरे ने NCCI के मूल उद्देश्य को स्पष्ट करते हुए कहा कि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग एवं ग्रामीण उद्यमियों को ऐतिहासिक रूप से पूंजी, बाज़ार और संस्थागत सहयोग से वंचित रखा गया है। इस स्थिति को बदलना ही NCCI का मूल संकल्प है।
"हमारा लक्ष्य केवल उद्यमी तैयार करना नहीं है — जिन्हें हमेशा अवसर मिले उनके और जिन्हें कभी नहीं मिले उनके बीच की खाई पाटना हमारा उद्देश्य है। शहरों में उपलब्ध हर सरकारी योजना, बैंकिंग सुविधा और बाज़ार का अवसर ग्रामीण उद्यमी और स्टार्टअप तक भी पहुँचना चाहिए," मोरे ने दृढ़तापूर्वक कहा।
उन्होंने यह भी घोषणा की कि NCCI वंचित वर्गों के लिए नीति स्तर पर बजटीय प्रावधान एवं अधिकार दिलाने हेतु सरकारी स्तर पर वार्ता करेगा।
वॉकहार्ट ग्रुप के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री हुज़ैफ़ा एच. खोराकीवाला ने NCCI की पहलों को संस्था का पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि एक सर्वसमावेशी व्यापारिक परिवेश निर्मित करने में स्थापित उद्योग जगत की भी महत्वपूर्ण भूमिका है।
कैप्शन : सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी डॉ. संजय चहांदे, NCCI के उद्घाटन सत्र में संस्था के पदाधिकारियों एवं सदस्यों को संबोधित करते हुए। पृष्ठभूमि में डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर का चित्र एवं NCCI का बैनर स्पष्ट दृश्यमान है — वॉकहार्ट टॉवर्स, बीकेसी, मुंबई, ११ अप्रैल २०२६.
सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी डॉ. संजय चहांदे ने बहुजन समाज में अमेरिका की भांति उद्यमिता की भावना विकसित किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि उद्यमिता के साथ ज्ञान और कौशल का समन्वय अनिवार्य है। उन्होंने वेंचर कैपिटल के माध्यम से पात्र उद्यमियों को उपलब्ध ₹१५ करोड़ तक की अनुदान राशि की जानकारी भी दी। "पूंजी के साथ ज्ञान और कौशल होना अनिवार्य है। क्षमता विकास के बिना उद्यमिता टिकाऊ नहीं हो सकती," उन्होंने कहा।
महाराष्ट्र सरकार की अवर सचिव विशाखा आढाव ने महात्मा फुले जयंती पर NCCI के शुभारंभ पर संतोष व्यक्त करते हुए नीतिगत स्तर पर पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। "महात्मा फुले की दृष्टि समान सम्मान और समान अवसर की थी। उनकी जयंती पर स्थापित यह चेंबर उसी दायित्व को वहन करता है," उन्होंने कहा।
कैनरा बैंक के सुनील सिंह एवं पंजाब नेशनल बैंक के राजा इंगळे ने उपस्थित उद्यमियों को बैंकों की विभिन्न योजनाओं, ऋण प्रक्रियाओं एवं व्यापार सुलभता के बारे में मार्गदर्शन दिया।
सोशल मीडिया विशेषज्ञ विश्वज्योत रांजणेकर ने एससी-एसटी उद्यमियों को मिलने वाले ऋण के शहरी-ग्रामीण तुलनात्मक अध्ययन का प्रस्तुतिकरण किया और नीतिगत सुधारों के साथ मानसिकता में परिवर्तन की आवश्यकता पर बल दिया।
स्वयं सहायता समूह की उद्यमी स्नेहा भालेराव ने NCCI को सतर्क करते हुए कहा कि यह चेंबर उन चुनिंदा चेंबरों की राह पर न चले जो केवल पहले से स्थापित उद्यमियों को लाभ पहुँचाते हैं। "यह चेंबर पारदर्शी, सर्वसमावेशी और तृणमूल स्तर के उद्यमियों — विशेषकर महिलाओं — के लिए वास्तविक अर्थों में सुलभ होना चाहिए," उन्होंने कहा।
फार्म टू फोर्क सॉल्यूशंस के संस्थापक निदेशक डॉ. उमेश कांबळे एवं फार्म टू फोर्क कॉर्पोरेट कन्सल्टेंट्स के स्ट्रैटेजी एवं पब्लिक रिलेशन्स निदेशक विजय गायकवाड सहित महेंद्र निळे, नालंदा निळे, सचिन बोराडे एवं दीपिका कापसे इस अवसर पर उपस्थित रहे।
सह-संस्थापक शितल बोराडे ने औपचारिक धन्यवाद ज्ञापन करते हुए सभी गणमान्य अतिथियों, बैंक प्रतिनिधियों, सरकारी अधिकारियों एवं उद्यमियों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। उन्होंने वॉकहार्ट ग्रुप एवं महाराष्ट्र सरकार की उपस्थिति को NCCI के संकल्प पर संस्थागत विश्वास का प्रतीक बताया।
बोराडे ने महाराष्ट्र भर के — विशेषकर ग्रामीण एवं अर्धशहरी क्षेत्रों के — उद्यमियों, स्वयं सहायता समूहों, स्टार्टअप एवं पेशेवरों से NCCI का सदस्य बनने का आह्वान किया।
"जिस हर उद्यमी को बताया गया कि अवसर उसके लिए नहीं हैं — यह चेंबर उन सबका है। हम कुछ ऐसा बना रहे हैं जो हमारे समाज के लिए पहले कभी इस स्तर पर नहीं हुआ — एक ऐसा मंच जहाँ पहुँच है, आवाज़ है और जवाबदेही है। हर आकांक्षी उद्यमी, हर व्यवसाय चलाने वाली महिला, हर सपने देखने वाले युवा से अनुरोध है कि इस आंदोलन का हिस्सा बनें," बोराडे ने भावपूर्वक कहा।
उद्योग जगत, बैंकिंग संस्थानों एवं राज्य सरकार का समर्थन अपने पहले ही कार्यक्रम में प्राप्त कर NCCI ने महात्मा फुले जयंती पर अपनी स्थापना के साथ एक स्पष्ट वैचारिक दिशा निर्धारित की है — उद्यम, समता और सशक्तिकरण एक साथ आगे बढ़ें। अब इस संकल्प की कसौटी जमीनी परिणामों से होगी।