नई दिल्ली: पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने नोटबंदी को सबसे बड़ा घोटाला करार देते हुए जीडीपी के आंकड़ों को गुमराह करने वाला बताया है। उन्होंने दावा किया कि भारतीय रिजर्व बैंक की स्वायत्तता खतरे में है। सिन्हा ने अपनी नई पुस्तक ‘इंडिया अनमेड : हाऊ द मोदी गवर्नमेंट ब्रोक द इकॉनमी’ में भाजपा पर कई मोर्चों पर हमला बोला है। उन्होंने कहा है कि पीएम नरेंद्र मोदी के पास देश की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का सुनहरा अवसर था, लेकिन उन्होंने इसका बुरा हाल कर दिया। साथ ही आरोप लगाया कि मोदी का स्व-रोजगार का विचार बेरोजगारी और अल्परोजगारी के बड़े गंभीर मुद्दे से भटकाव है।
सिन्हा ने अपनी पुस्तक में एनडीए के आर्थिक प्रबंधन की आलोचना की है, लेकिन उनका दावा है कि वह हमेशा मोदी के आलोचक नहीं रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘मंत्री या कोई पद नहीं देने के कारण मेरी मोदी से निजी दुश्मनी नहीं है। कुछ लोग गलत अटकलें लगाते हैं। मैंने तो 2014 में मोदी को पीएम उम्मीदवार के रूप में आगे करने की बात कही थी।’