मुज़फ्फरनगर।लॉकडाउन के चलते राजस्व में भारी नुकसान झेल रही राज्य सरकारें अब आमदनी बढ़ाने की कोशिशों में जुटी हैं. उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने भी इस संबंध में कई अहम निर्णय किए. इसके तहत, प्रदेश में पेट्रोल-डीजल (Petrol-Diesel) से लेकर देसी-विदेशी से लेकर इम्पोटेर्ड शराब पर शुल्क बढ़ा दिया गया हैं. प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कैबिनेट की फैसलों की जानकारी देते हुए बताया था अप्रैल के महीने में कर संग्रह का अनुमानित आंकड़ा 12,141 करोड़ रुपये था. लेकिन लॉकडाउन के चलते सिर्फ 1,178 करोड़ रुपये का कर संग्रह हुआ है. ऐसे में आमदनी बढ़ाने के लिए कुछ कदम उठाए गए हैं.
मगर सरकार के यह कदम बढ़ाते ही मुजफ्फरनगर के सरकारी शराब के ठेकों पर सेल्समैन ने अपने आकाओं के आदेश अनुसार ₹10 ऑटोमेटिक ही बढ़ा दिया है यानी एक और लॉक डाउन की मार झेल रहे है लोग तो वही ₹70 में बिकने वाला देसी का पव्वा दिया जा रहा है रोब गालिब करते हुए ₹80 में ताजा मामला जनपद मुजफ्फरनगर की तहसील सदर की केलनपुर देसी शराब ठेके का है जहां पर न तो कोई रेट लिस्ट लगाई हुई है और ना ही कोई उच्च अधिकारियों का कांटेक्ट नंबर हैं जिसका फायदा ठेका संचालक भरपूर तरीके से उठा रहा है ग्राहकों के साथ रॉब ग़ालिब करते हुए ₹10 ओवर रेटिंग लिया जा रहा है साथ ही कोरोनावायरस की दृष्टिगत देखा जाए तो सोशल डिस्टेंस की जमकर उड़ाई जा रही है धज्जियां सूत्रों की माने तो ओवर रेटिंग की जानकारी आबकारी विभाग के समस्त छोटे से बड़े अधिकारियों तक होती है मगर जांच के नाम होता है खानापूर्ति जिसके चलते मदिरा के शौकीनों की जेब पर दिन के उजाले में डाला जा रहा है डाका।
संजय कुमार