21 जून को पंचांग के अनुसार अमावस्या की तिथि है। इसे आषाढ़ अमावस्या भी कहते हैं। इस दिन स्नान और दान का विशेष महत्व माना जाता है। लेकिन सूर्य ग्रहण के चलते यमुना नदी पर स्नान करने के लिए बहुत ही कम श्रद्धालु दिखाई दिये। स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने पूजा अर्चना कर देश में सुख शांति की मन्नते मांगी। आपको बतादे की रविवार को आषाढ़ अमावस्या पर सूर्य ग्रहण के चलते जनपद शामली के कैराना स्थित यमुना नदी पर स्नान करने के लिए बहुत ही कम श्रद्धालु आए। श्रद्धालुओं ने यमुना नदी में स्नान कर माला जाप किया व ध्यान कर पूजा अर्चना की तथा ईश्वर से प्रार्थना की। हरियाणा के जिंद से आए श्रद्धालुओं ने बताया कि आषाढ़ मास की अमावस्या का हिन्दू धर्म में विषेश महत्व माना जाता है। इस दिन जप-तप-दान विशेष पुण्यदायी माना जाता है। आषाढ़ माह में सत्यनारायण भगवान की पूजा की जाती है। इस माह की हर तिथि का अपना महत्व है लेकिन अमावस्या विशेष लाभप्रद मानी जाती है। इस अमावस्या के बाद वर्षा ऋतु आरंभ होती है। साथ ही रविवार को सूर्यग्रहण भी लग रहा है तो यह और भी ज्यादा महत्वपूर्ण हो गई है। इसका असर देश-दुनिया पर पड़ेगा। अगर ग्रहण के बाद कुछ उपाय किए जाएं तो शनि दोष, पितृदोष और कालसर्प दोष से मुक्ति मिल सकती है। वही हर बार स्नान करने के लिए हरियाणा सहित अन्य जनपदों से श्रद्धालु यमुना नदी पर पहुंचते हैं। लाॅक डाउन के कारण सामूहिक कार्यक्रमों व स्नान पर प्रतिबंध है। जिसके चलते यमुना किनारे पुलिस फोर्स भी तैनात दिखाई दिया।
रिपोर्टर:- दीपक कुमार