एक साल से परेशान हैं इस व्यवसाय से जुड़े हज़ारों लोग
नवी मुंबई: लॉक डाउन में शादी समारोह में केवल पचास लोगों की अनुमति का असर इवेंट और कैटरिंग व्यवसाय से जुड़े लोगों पर पड़ा है, इस व्यवसाय के आयोजकों से लेकर उनसे जुड़े रोटी बनाने वाले, सब्जियां काटने वाले और बर्तन मांजने वाले , कुक , हेल्पर्स सभी पर भूखों मरने की नौबत आ गयी है ऐसा कहते हुए 'नवी मुंबई वेडिंग एंड इवेंट एसोसिएशन' ने कोंकण आयुक्त को पत्र देकर इस आयोजनों में मेहमानों की संख्या बढ़ाने का निवेदन दिया है. ताकि एक साल से परेशान इस व्यवसाय से जुड़े सभी लोग अपना और अपने परिवार वालों का पेट पाल सकें। इनका कहना है कि संख्या बढ़ाने के बाद भी ये लोग कोरोना के नियमों वैसे ही पालन करेंगे जैसा अभी कर रहे हैं.
लगभग तीन सौ सदस्यों वाले
'नवी मुंबई वेडिंग एंड इवेंट एसोसिएशन' के अध्यक्ष राजेश गौड़ा के नेतृत्व में सभी प्रमुख पदाधिकारियों ने कोंकण आयुक्त को निवेदन पत्र देकर अनुरोध किया है कि यह मांग सरकार को जल्द से जल्द स्वीकार करना चाहिए ताकि पिछले एक साल से काम के अभाव में बैठे इवेंट और कैटरिंग व्यवसाय से जुड़े हजारों लोगों की रोजी रोटी चल सके. इस व्यवसाय से शहनाई बंद बाजा वाले, हलवाई और फूल वालों की तरह लगभग पचासी लोग जुड़े होते हैं। अब सभी एक साल से परेशान हैं.
इनका कहना है कि देश में दस हज़ार करोड़ रुपये के टर्न ओवर वाला यह व्यवसाय कोरोना के सरकारी नियमों को एक साल से मानता चला आ रहा है। हज़ार की कैपेसिटी वाले हॉल में सिर्फ पचास लोग शादी समारोह में शामिल हो रहे है. इन पचास लोगों में
इवेंट और कैटरिंग स्टाफ को भी गिना जाता है. इसका असर इस व्यवसाय पर पड़ रहा है.
'नवी मुंबई वेडिंग एंड इवेंट एसोसिएशन' ने चेतावनी दी है कि यदि यह मांग स्वीकार नहीं की गयी तो इस व्यवसाय से जुड़े सभी लोग रास्ते पर उतर कर आंदोलन करेंगे।