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सूखा प्रभावित जनता को अधर में छोड़कर सरकार छुट्टी पर- नाना पटोले

सूखा प्रभावित जनता को अधर में छोड़कर सरकार छुट्टी पर- नाना पटोले


संभाजीनगर। पूरा राज्य सूखे से पीड़ित है और माताओं-बहनों को हंडाभर पानी के लिए भटकना पड़ रहा है. किसानों द्वारा अपने बच्चों के तरह उगाये गये बगीचे सूख गये हैं. पशुओं के लिए चारा पानी नहीं है. किसान पशुधन पालते हुए मेटाकुटी आये हैं. सूखे की स्थिति के बीच संघर्ष कर रहे किसानों को छोड़कर सरकार छुट्टी पर चली गई है.  मुख्यमंत्री मूलगांव में आराम कर रहे हैं जबकि कृषि मंत्री विदेश दौरे पर हैं. ऐसा महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष नाना पटोले ने हमला बोलते हुए कहा है कि अब जनता इन्हें सत्ता से हटाकर छुट्टी देगी।

कांग्रेस पार्टी की ओर से राज्य में सूखे की स्थिति का निरीक्षण करने के लिए कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले शुक्रवार को मराठवाड़ा के दौरे पर हैं. शुक्रवार को उन्होंने छत्रपति संभाजीनगर, जालना और बीड जिलों में सूखे की स्थिति का निरीक्षण किया और किसानों से बातचीत की एंव सूखे की स्थिति का जायजा लिया. छत्रपति संभाजीनगर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पूर्व विधायक कल्याण काले, विधायक वजाहत मिर्जा, प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता अतुल लोंढे, पूर्व विधायक नामदेव पवार, किरण पाटिल डोंगगांवकर, प्रदेश सेवादल अध्यक्ष विलास औताडे, पूर्व मन्नी अनिल पटेल, विनोद तांबे, प्रमुख रवींद्र काले उपस्थित थे। 

पटोले ने कहा कि जायकवाड़ी जैसा बड़ा बांध होने के बावजूद पैठन तालुका के किसानों और नागरिकों को पानी के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है, यह सरकार की लापरवाही का संकेत है. मोदी की हर घर नल योजना सिर्फ उनके भाषण में है.  दरअसल इसका अस्तित्व कहीं नहीं है.  इस कठिन समय में न तो केंद्र सरकार और न ही राज्य सरकार ने किसानों की मदद की.  फसल ऋण माफ करना तो दूर, बैंक ऋण वसूली के लिए संघर्ष कर रहे हैं. किसानों द्वारा बीमा प्रीमियम का भुगतान किया गया लेकिन कोई मुआवजा नहीं मिला.  लेकिन सत्ता में बैठे लोगों को जनता से कोई लेना-देना नहीं है.  फंड और परसेंटेज के अलावा शासकों को किसी बात से कोई लेना-देना नहीं है.  किसानों को थकना नहीं चाहिए. पटोले ने किसानों से अतिवादी कदम न उठाने की अपील करते हुए उन्हें आश्वासन दिया कि कांग्रेस पार्टी आगामी विधानसभा में सरकार से न्याय की मांग करेगी. 

संभाजीनगर के बाद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले बीड के गेवराई तालुका के रुई में रेशम किसानों के खेतों में गए और उनकी समस्याओं को जानने के बाद सूखे की स्थिति का निरीक्षण किया, इस दौरान किसानों की समस्याओं को बताने के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री और कृषि मंत्री दोनों को फोन लगाकर अवगत करना चाहा लेकिन संपर्क नही हो पाया.  उन्होंने इस बात पर रोष जताया कि सरकार छुट्टियों का आनंद ले रही है जबकि किसान इतने भीषण संकट में हैं. इस मौके पर मौजूद किसानों ने सरकार और प्रशासन की उदासीनता पर भी रोष व्यक्त किया.  इस मौके पर उनके साथ बीड जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजेसाहेब देशमुख समेत कांग्रेस पदाधिकारी और बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।

इसके बाद पटोले ने जालना जिले के अंबड और बदनापुर तालुका के विभिन्न गांवों के खेतों का दौरा किया और सूखे की स्थिति का निरीक्षण किया.  इस क्षेत्र के मोसंबी किसानों पर भारी मार पड़ी है और वर्षों से अपने बच्चो के तरह पाले बागों को निकालने का समय अब आ गया है. लेकिन सरकार चुप है.  इस क्षेत्र के किसानों को सरकार से कोई मदद नहीं मिली.  किसानों ने कहा कि पीने के पानी की कमी है और जानवरों के लिए चारा शिविर खुले नहीं हैं.  कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले ने इन सभी किसानों की समस्याओं को जानकर आगामी सत्र में सूखे के मुद्दे पर सरकार को उनकी मदद करने के लिए मजबूर करने का वादा किया।


विधायक कांग्रेस पार्टी के नेता बालासाहेब थोराट ने सूखे की स्थिति का निरीक्षण करने के लिए नासिक जिले के गांवों का दौरा किया और किसानों से बातचीत की, जबकि राज्य कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष पूर्व मंत्री नसीम खान ने कोंकण डिवीजन के ठाणे जिले के मुरबाड और शाहपुर तालुका के गांवों में खेतों का दौरा किया और सूखे की स्थिति का निरीक्षण किया।


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